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'कुछ लोग जाति और मजहब के आधार पर समाज को बांटना चाहते हैं' - सीएम योगी

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लखनऊ ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी लोकसभा चुनाव को 'फैमिली फर्स्ट' की बात करने वाले विपक्ष और 'नेशन फर्स्ट' की बात करने वाले सत्तापक्ष के बीच का मुकाबला करार देते हुए बुधवार को दावा किया कि विपक्ष भ्रष्टाचार का पक्षधर है जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मामले में ‘कतई बर्दाश्त नहीं' के पक्षधर हैं।

मुख्यमंत्री ने मथुरा में आयोजित 'प्रबुद्ध सम्मेलन' को संबोधित करते हुए विपक्ष पर हमला किया और कहा, '' एक पक्ष (विपक्ष) के लिए परिवार पहले है तो मोदी जी के नेतृत्व में जो पक्ष है उसके लिए राष्ट्र पहले है। परिवार पहले मानने वाला पक्ष अपने कृत्य से माफिया राज को प्रश्रय देता है जबकि मोदी जी का पक्ष कानून के राज को प्रभावी ढंग से लागू करने का काम करता है।'' उन्होंने कहा, ''माफिया राज को प्रश्रय देने वाला एक पक्ष भ्रष्टाचार का पक्षधर है और मोदी जी का पक्ष कतई बर्दाश्त नहीं का है ।

एक पक्ष तुष्टीकरण के नाम पर व्यक्ति, जाति, मत और मजहब के आधार पर समाज को बांटना चाहता है, लेकिन मोदी जी के नेतृत्व वाला पक्ष सबका साथ, सबका विकास के माध्यम से गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर एक तबके को देने का पक्षधर है।'' उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के दूसरे कार्यकाल में भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी। मोदी के तीसरे कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य है।

बाद में मेरठ में आयोजित 'प्रबुद्ध सम्मेलन' को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि तीन दशक पहले जिस तरह अरुण गोविल ने छोटे पर्दे पर रामायण में मजबूती के साथ श्रीराम के किरदार को जीवंत किया था, आज वो मेरठ की पहचान बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरुण गोविल अब मेरठ में इतिहास रचेंगे, क्योंकि मेरठ इतिहास में दर्ज नहीं होता, बल्कि ये हमेशा इतिहास रचता है। योगी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल के पक्ष में मतदान की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है लेकिन, विपक्ष ने हमेशा जातिवाद को प्राथमिकता दी ।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान, बोले- हम खत्म करने वाले हैं टोल

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नई दिल्ली।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार जल्द ही टोल टैक्स कलेक्शन सिस्टम को पूरी तरह से बदलने वाली है। अब टोल प्लाजा पर टैक्स का भुगतान करने की बजाए एक सैटेलाइट आधारित टोल संग्रह प्रणाली लागू होगी। इस नए सिस्टम से हाईवे पर सफर करने वालों को फायदा होगा। क्योंकि उन्हें उतने ही पैसे देने पड़ेंगे जितने किलोमीटर की वे यात्रा करेंगे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "अब हम टोल खत्म कर रहे हैं और एक सैटेलाइट आधारित टोल संग्रह प्रणाली लागू होगी। आपके बैंक खाते से सीधे पैसा कट जाएगा और आप जितनी सड़क तय करेंगे उसी के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। इससे समय और पैसा दोनों की बचत होगी। पहले मुंबई से पुणे जाने में 9 घंटे लगते थे, अब यह घटकर 2 घंटे हो गया है..." 

इसके साथ ही, भारतमाला परियोजना के बारे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है, "भारतमाला-1 प्रोजेक्ट 34 हजार किलोमीटर की परियोजना है और भारतमाला-2 लगभग 8500 किलोमीटर की है... 2024 के आखिर तक इस देश की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। मेरी कोशिश राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क नेटवर्क को अमेरिका के बराबर बनाने का है और मुझे पूरा विश्वास है कि मैं इसमें सफल हो जाऊंगा..."  

केंद्रीय मंत्री ने इससे पहले 18 मार्च, 2024 को बताया था कि मोदी सरकार की अगले पांच साल में सभी भारतीय शहरों में और दिल्ली-शिमला, दिल्ली-चंडीगढ़ के साथ मुंबई-पुणे जैसे कुछ लंबे रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा था कि बैट्री के दामों में गिरावट से यात्रियों के लिए बसों का किराया 30% कम हो जाएगा और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट से केजरीवाल को नहीं मिली राहत

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नई दिल्ली ।

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय से बुधवार को राहत नहीं मिली। केजरीवाल की ओर से न्यायालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने को चुनौती दी गई थी और राहत की अपील की गई थी। उच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई अब तीन अप्रैल को करेगा। ईडी ने इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय मांगा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

तत्काल रिहा करने का आदेश दिया जाए

इससे पहले केजरीवाल ने होईकोर्ट से आग्रह किया कि आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत से उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया जाए। केजरीवाल ने दलील दी कि चुनाव के समय उनकी गिरफ्तारी संविधान के मूल ढांचे के विरुद्ध है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी, “गिरफ्तारी का उद्देश्य सामग्री ढूंढना नहीं बल्कि मुझे और मेरी पार्टी को अक्षम करना था। मेरी प्रार्थना है, अब मुझे रिहा कर दें।"

एजेंसी ने जवाब देने के लिए मांगा समय 

एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि "भारी भरकम" याचिका उन्हें मंगलवार को ही सौंपी गई है और एजेंसी को अपना पक्ष रिकॉर्ड पर लाने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरिम राहत के वास्ते भी जवाब देने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए। सिंघवी ने आरोप लगाया कि जवाब दाखिल करने के लिए समय का अनुरोध मामले में विलंब की रणनीति है। वरिष्ठ वकील ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार को लेकर चुनौती दी गई है और ऐसे कई "गंभीर मुद्दे" हैं जिन पर उच्च न्यायालय द्वारा तत्काल निर्णय करने की जरूरत है। सिंघवी ने कहा, “ लोकतंत्र भी शामिल है। (संविधान का) बुनियादी ढांचा भी शामिल है। अगर गिरफ्तारी अवैध है तो हिरासत में बिताया गया एक घंटा भी बहुत लंबा होता है।”

21 मार्च को हुई थी गिरफ्तारी 

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने गिरफ्तारी और उसके बाद ईडी की हिरासत में भेजे जाने के मद्देनजर अपनी तत्काल रिहाई की मांग की है। ईडी ने उन्हें 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। उच्च न्यायालय द्वारा धनशोधन मामले में दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण देने से इनकार करने के कुछ घंटे बाद ही ईडी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति बनाने और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन से संबंधित है। इस नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था।

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