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राम मंदिर के लिए भूमि पूजन का ये है शुभ मुहूर्त

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अयोध्या।

अयोध्या में होने वाले राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर देशभर में जबरदस्त उत्साह है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भूमि पूजन से पहले अयोध्यावासी अपने घरों के बाहर घंटी और थाली बजाकर भगवान राम का स्वागत करेंगे। भूमि पूजन से पहले रामनगरी को भव्य तरीके से सजााय गया है। सोमवार से ही अयोध्या में भूमि पूजन के लिए कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। सोमवार को भगवान राम की कुलदेवी की पूजा की गई गई। इसके बाद आज राम पूजन होना है। वहीं बुधवार को होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर एक मुहूर्त औऱ समय तय किया गया है जिसकी जानकारी हम विस्तार से दे रहे हैं।

कुछ सेकेंड का है शुभ मुहूर्त
श्री राम क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से पहले ही भूमि पूजन को लेकर समय किया गया जिसके अनुसार यह मुहूर्त 32 सेंकेड का है जो दोपहर 12 बजकर 44 मिनट आठ सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड के बीच है। इस समय में पीएम मोदी मंदिर का शिलान्यास करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, षोडश वरदानुसार 15 वरद में ग्रह स्थितियों का संचरण शुभ और अनुकूलता प्रदान करने वाला है।

पूजा कार्यक्रम लगातार जारी
पांच अगस्त को पीएम मोदी के हाथों शिलान्यास होने से पहले अयोध्या में पूजा कार्यक्रम जारी हैं। आज गणेश पूजन के बाद राम अर्चना का कार्यक्रम है। सुबह 8 बजे हनुमान पूजन किया गया। इन पूजा कार्यक्रमों के लिए अयोध्या से लेकर प्रयागराज, दिल्ली, काशी और हरिद्वार से विभिन्न विद्वान बुलाए गए हैं जो अलग-अलग तरह की पूजाओं में निपुण हैं। कल यानि बुधवार को होने वाला भूमि पूजन कार्यक्रम तकरीबन 40 मिनट का होगा। जिसके लिए देशभर के करीब 8 हजार पवित्र स्थलों से मिट्टी, जल और रजकण लाए गए हैं।

कश्मीर पर भारत की दो टूक, पाकिस्तान चल रहा पैतरे पर पैतरे

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का एक साल पूरा होने जा रहा है। पाकिस्तान इसको लेकर नए पैंतरे आजमा रहा है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। तिरुमूर्ति के मुताबिक- पाकिस्तान आज भी आतंकवाद का गढ़ है। वहां अब भी 40 हजार से ज्यादा आतंकवादियों को तमाम सहूलियतें दी जा रही हैं। कश्मीर अंतरराष्ट्रीय नहीं, बल्कि दो देशों के बीच का मामला है। इसे बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है।

पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की भरमार
न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में तिरुमूर्ति ने कहा, “दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ही आतंकवादियों और आतंकवाद का गढ़ है। दुनिया के जितने बड़े आतंकी हुए या हैं, उनका पाकिस्तान कनेक्शन रहा। वहां कई आतंकी संगठन आज भी बेधड़क काम कर रहे हैं। दुनिया के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन। इनके अलावा भी कई आतंकी संगठन वहां मौजूद हैं।”

यूएन भी सब जानता है
एक सवाल के जवाब में तिरुमूर्ति ने कहा- कई मौकों पर यूएन ने भी पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के सक्रिय होने और दूसरे देशों में हमले की बात मानी है। इस पर कई रिपोर्ट्स भी आईं। हाल ही में इन आतंकी संगठनों की निगरानी और उनको मिलने वाली मदद पर रोक की बात की गई थी। समय-समय पर आईएसआईएस और अल-कायदा के खतरों पर भी हम बात करते हैं। एक चीज है कॉमन है- सभी में पाकिस्तान का नाम आता है।

कश्मीर पर पाकिस्तान की दलीलें फिजूल
कश्मीर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में तिरुमूर्ति ने कहा, “मैं एक बात का भरोसा दिलाना चाहता हूं। यूएन में पाकिस्तान कश्मीर पर जो राग अलाप रहा है, जो कोशिशें कर रहा है, उनका कोई फायदा नहीं होने वाला। भारत ने हर बार उसकी साजिशों को बेनकाब और नाकाम किया है। सच्चाई ये है कि पाकिस्तान के पास ऐसी कोई आवाज नहीं है जो यूएन में सच साबित हो। दुनिया जानती है कि पाकिस्तान क्या कर रहा है और वहां क्या होता आया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने पिछले साल अगस्त में 1972 के शिमला समझौते का जिक्र किया था।”

दो अपरिचित परिचित से - कुसुम सिंह लता

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छोड़ो आंगन आओ कानन,
कुछ   पल  संग  बिताते  हैं,
दुनियां की रफ़्तार  रोककर,
कुछ   स्मृतियाँ   भुनाते  हैं।

कर में  कर  एक दूजे का ले,
कुछ   पल  यूँ  खो  जाते  है,
मैं  वसुधा तुम बदल बनकर,
तन   मन   को   भिगोते  हैं।

प्रथम मिलन क्या याद तुम्हे है?
जब   छवि  हमारी   देखी  थी,
नयनों  ने  नयनों  से  मिलकर,
कहा    अप्सरा !    आयी   हो।

दृग  सजल  बहने  को आतुर,
अधर     गुलाबी    गीले    थे,
मिट्टी  के   दीये  की  लौ संग,
दो  अपरिचित परिचित से थे ।

बातों   ही   बातों   में  रजनी,
थपकी    देकर   ऊँघा   गयी,
भोर     की    शीतल     वायु,
न   जाने   कब  जगा   गयी।

गति   समेट अपनी  बाहों में,
जग के रिवाज़ को समझाया,
हम  खोकर  उन  रिवाज़ों में,
अपनी  ही   बातें  भूल   गये।

लेखिका - कुसुम  सिंह  लता
नई दिल्ली
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