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यूपी: थर्मल स्क्रीनिंग के लिए उमड़े प्रवासी श्रमिक, बोले- बॉर्डर खोल दीजिए, हम पैदल चले जाएंगे

Monday, May 18, 2020

/ by Editor
गाजियाबाद
कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन के चौथे चरण की शुरुआत सोमवार से हुई है। इस बीच दिल्ली, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों से पलायन कर आ रहे श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ट्रेन व बसों का इंतजाम किया गया है। लेकिन सोमवार सुबह हालात बेकाबू हो गए। गाजियाबाद व मेरठ में श्रमिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिन्हें संभालने के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। मजदूरों का टेस्ट व उनके खाने-पीने की व्यवस्था करना भी प्रशासन के लिए चुनौती है। 

बॉर्डर खोल दीजिए, हमें पैदल ही रवाना किया जाएगा
गाजियाबाद के घंटाघर रामलीला मैदान व कवि नगर रामलीला मैदान में ट्रेन से बिहार जाने वाले प्रवासी मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग और पेपर वेरिफिकेशन के लिए रोका गया है। मौके पर प्रशासनिक अमला होने के बावजूद यहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। एडीएम और मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, प्रशासन ने लोगों को समझा बुझाकर लोगों को तितर बितर किया है। वहीं, कवि नगर रामलीला मैदान में भी मजदूरों की भीड़ उमड़ी है। सिविल डिफेंस की तरफ से खाने-पीने की व्यवस्था कराई जा रही है। इन सभी लोगों को बसों व ट्रेनों के माध्यम से इनकी मंजिल तक पहुंचाया जाएगा। इन मजदूरों का कहना है कि इन्हें सरकारी बस नहीं चाहिए। इन्हें घर जाना है। बस बॉर्डर खोल दें, हम खुद चले जाएंगे। उधर, पुलिस ने दिल्ली से सटी सीमा पर सख्ती बढ़ा दी है। कई बाइक और कार सवारों को पास होने के बावजूद जाने से रोक दिया गया। इसका कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना बताया गया। चेकिंग की वजह से यहां वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
मेरठ में फंसे मजदूरों को ट्रेन से रवाना किया जाएगा
लॉकडाउन के दौरान मेरठ में फंसे मजदूरों को आज बिहार के लिए रवाना किया जाएगा। मेरठ सिटी स्टेशन से शाम 4:00 बजे श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएगी, जो बिहार के अररिया जिले पहुंचेगी। इस ट्रेन में करीब 1600 मजदूर मेरठ से रवाना किए जाएंगे। मजदूरों के पहुंचने के लिए प्रशासन ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली है। लेकिन ट्रेन चलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मजदूर मेरठ के सिटी स्टेशन पहुंच गए। सिटी स्टेशन पर स्टेशन डिस्टेंस का पालन कराना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में मजदूरों के मेडिकल टेस्ट और खाने की व्यवस्था करना भी पुलिस प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों की मानें तो ट्रेनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही यात्री सफर करेंगे।

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