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लॉकडाउन पूरी तरह से फेल ,सरकार बताये आगे की रणनीत क्या है ? - राहुल गांधी

Tuesday, May 26, 2020

/ by Editor
नई दिल्‍ली


लॉकडाउन के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज चौथी बार पत्रकारों से बात कर रहे हैं। वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में राहुल ने कहा कि लॉकडाउन पूरी तरह से फेल हो गया है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उम्‍मीद थी कि कोरोना 21 दिन में कंट्रोल हो जाएगा। मगर 60 दिन हो चुके हैं और केसेज बढ़ते जा रहे हैं। भारत उन देशों में से हैं जहां कोरोना सबसे तेजी से फैल रहा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पीएम और उनके एडवायजरी स्‍टाफ ने ये उम्‍मीद नहीं की थी कि ऐसा हो जाएगा। उन्‍होंने कहा कि हिंदुस्‍तान पहला ऐसा देश है जो बीमारी के बढ़ते वक्‍त लॉकडाउन खत्‍म कर रहा है।


राहुल ने पूछा, आगे की स्‍ट्रैटजी क्‍या?राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन के 4 स्‍टेज फेल हो चुके हैं, ऐसे में मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आगे के लिए उसकी क्‍या रणनीति है। मजदूरों के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था है, MSMEs को कैसे खड़ा करेंगे? सरकार कहती है कि GDP का 10% पैकेज के रूप में दिया है मगर असल में 1 पर्सेंट ही मिला है। मजदूरों से मुलाकात पर राहुल गांधी ने कहा कि जब मैं उनसे मिला तो कुछ ने कहा कि 'हमारा भरोसा टूट गया'। राहुल ने कहा कि मुझे किसी के मुंह से यह सुनना पसंद नहीं, चाहे अमीर हो या गरीब। सरकार अभी भी उनकी मदद कर सकती है।

राज्‍यों की मदद करें केंद्र सरकारराहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने नैशनल टीवी पर बताया था कि लॉकडाउन का मकसद है कि हम 21 दिन में कोरोना को हरा देंगे। चौथा लॉकडाउन खत्‍म होने को आ गया मगर बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि राज्‍यों के पीछे अगर केंद्र सरकार खड़ी नहीं होगी तो वे कोरोना से नहीं लड़ पाएंगे।


कोरोना से कई गुना बढ़ी बेरोजगारीकांग्रेस नेता ने कहा कि बेरोजगारी की समस्‍या कोरोना की वजह से नहीं आई है। वह पहले से चली आ रही थी। अब इस पूरी समस्‍या में एक नया एलिमेंट जुड़ गया है। कारोबार बंद हो गए, कई सारे मझोले उद्योग बंद होने जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हम इसीलिए छोटे उद्योगों को पैसा देने की डिमांड कर रहे हैं। अगर हम ऐसा नहीं करते तो ये आत्‍मघाती होगा।

सीमा विवाद पर क्‍या बोले राहुलचीन और नेपाल के साथ सीमा विवाद पर राहुल गांधी ने सरकार से 'ट्रांसपेरेंसी' की डिमांड की। उन्‍होंने कहा कि बॉर्डर पर जो भी हुआ, उसके बारे में सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए। राहुल ने कहा कि एक बार सरकार पूरी जानकारी सामने रख दे, फिर मैं कुछ कहूंगा


'विदेश की ना सोचे भारत सरकार'राहुल ने कहा कि फरवरी में जो चेतावनी मैंने सरकार को दी थी, वही आज भी कह रहा हूं। उन्‍होंने कहा कि मेरा काम देश की समस्याओं के बारे में सरकार को आगाह करना है। उन्‍होंने कहा कि "मेरे कुछ जानने वाले पॉलिसीमेकर्स बताते हैं कि सरकार सोचती है कि अगर बहुत सारा पैसा गरीब लोगों को दे दिया तो बाहर के देशों में गलत इम्‍प्रेशन चला जाएगा, हमारी रेटिंग खराब हो जाएगी। मैं फिर से कह रहा हूं कि हिंदुस्‍तान की इमेज बाहर नहीं बनती, हिंदुस्‍तान के अंदर बनती है।" उन्‍होंने कहा कि हिंदुस्तान की शक्ति की रक्षा करने की जरूरत है। इसके लिए 50 फीसदी लोगों को डायरेक्ट कैश देना होगा। महीने का साढ़े सात हजार रुपये देना होगा।

यूपी के बस विवाद पर क्‍या बोले राहुलउत्‍तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लिए बसों से जुड़े विवाद पर राहुल ने कहा कि 'लोग पहले भारतीय हैं और फिर वे राज्‍यों के। कोई किस राज्‍य से कहां जाकर काम करेगा, यह किसी राज्‍य का मुख्‍यमंत्री नहीं तय करेगा।' राहुल ने कहा कि 'यूपी सीएम ने मजदूरों को पर्सनल प्रॉपर्टी की तरह यूज किया है।'

'फ्रंटफुट पर आकर खेलें प्रधानमंत्री'राहुल ने पीएम मोदी से कहा कि वे सामने आकर देश को बताएं कि आगे का क्‍या प्‍लान है। उन्‍होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने अलग ही पोजिशन अपना रखी है। पहले उन्‍होंने फ्रंटफुट पर खेला, फिर वह दिखना ही बंद हो गया। प्रधानमंत्री को देश देखना चाहता है, उन्‍हें बताना होगा कि आगे की रणनीति क्‍या है। उन्‍हें फ्रंटफुट पर आकर खेलना होगा।' 


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