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कोरोना के लिए लाक डाउन का पहरा

Tuesday, May 5, 2020

/ by Editor

हरिकेश यादव -संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

अमेठी। 

कोेरोना वायरस महामारी स्वच्छता अभियान को सजग करने के लिए देश में देखते ही देखते हवा की तरह छा गया। पहलें वायरस के नियंत्रण के लिए लाकडाउन करना जनता कर्फ्यू के रूप में शुरू किया गया। उसके बाद लाकडाउन में रेल, बस, हवाई जहाज की यात्राएं जहाॅ स्थगित की गयी। वहीं हाट बाजार शादी, भोज, और मांगलिक कार्यक्रम पर रोक  लगा दी। यहीं नही दुकान प्रतिष्ठान उद्योग और सरकारी कार्यालय में भी तालाबंदी की घोषणा सरकार को करनी पड़ी। पहला लाकडाउन पखवारे भर चला।

दूसरा पखवारा लाकडाउन का शुरू हुआ और जिसमें सरकार, शासन, सांसद विधायक, राजनैतिक दल ने कोरोना वायरस के महामारी के नियंत्रण के लिए मास्क, सेनेटाइजर, ग्लव्श, दवाएं, और राहत किट बाटने का सिलसिला शुरू हुआ ताकि लोग महामारी के भय से भयभीत न हो। सरकारी अस्पतालों में जहाॅ रोगी का उपचार बंद कर कोरोना रोगी की जांच का सिलसिला शुरू हुआ। राजकीय उचित दर विक्रेता को  प्रदेश सरकार ने निर्देश दिया कि जिनके पास राशन कार्ड नही है उन्हें सूची बनाकर तत्काल खाद्यान्य की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। लेकिन जिनके पास राशन कार्ड , आमदनी का जरिया व रोजी, रोजगार भी बंद है। ऐसे लोग ग्राम पंचायत की और राजनैतिक दलों के द्वेष के शिकार हुए उन्हें खाद्य एवं रसद विभाग राशन नही दे पाया। येाजना और सरकार का फरमान हवा-हवाई साबित हुआ।


कोरोना वायरस महामारी लाकडाउन फेस-थ्री में बाहर फसें मजदूर ,सरकारी विभाग के संविदाकर्मी, छात्र व उद्योगों के कारीगर को बड़े - बडे महानगरों से अमेठी जिलें में लाने के लिए राजनैतिक दल के नेताओं ने अहम भूमिका अदा की। उनके आने के लिए आनलाइन आवेदन उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, के पते पर करने का सिलसिला जोरो पर चल रहा है। और महामारी के बचाव को लेकर बाजार की दुकाने को रोस्टर के अनुसार खोलने का समय निर्धारित किया गया। लेकिन समय सात बजे के बाद शाम को सड़क पर सफर करने में और एक साथ खड़े होने पर पांबदी लगायी है।

सबसे अहम बात यह है कि सरकारी देशी और विदेशी मदिरा की दुकानों को खोलने का फरमान जारी हुआ है। चूूँकि एलकोहल से सेनेटाइज लोगों को सरकारी कार्यालय और बैकों में किया जा रहा है। मदिरा की दुकानों के खोलने से इसका इस्तेमाल करने वाले कोरोना की वीमारी से काफी हद तक राहत मिलने के बात बढ़चढ़ कर लोग करते नजर आये। फिरहाल अमेठी जिलें की सीमाएं तो सील है लेकिन फल, और मेवा की आपूर्ति वाहन के आने-जाने पर तैनात पुलिसकर्मी आज-कल फलाहार कर वक्त गुजार रहे है। जिसका असर फल मंडी पर फल मंडी के ठेलों पर पड रहा है। दबी जुबान से फल वाले मालिक के ड्राइवर बर्दाश्त करने को  मजबूर है।

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