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प्रशासन ने खुदवा डाला 51 शक्तिपीठ का प्रवेश मार्ग

Friday, June 26, 2020

/ by Editor
लखनऊ। 

राजधानी लखनऊ के सीतापुर रोड पर स्थित 51 शक्तिपीठ जो विश्व का अद्वितीय तीर्थ भी है, इन दिनों प्रशासनिक दुराग्रह से आहत है। प्रशासन ने बिना किसी सूचना के मंदिर परिसर के निर्माण को ढहा दिया। प्रशासन ने मुख्यद्वार पर जेसीबी से गहरा गढ्ढा खोद कर श्रद्धालुओं का आवागमन भी बाधित कर दिया है। प्रशासन की इस गैर जिम्मेदाराना कार्यवाई से श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है। श्रद्धालुओं के मन-मानस को आहत करने वाली इस कार्रवाई की जानकारी ट्वीटर के जरिये मुख्यमंत्री को दी गई  है।
उल्लेखनीय है कि सीतापुर रोड पर बख्शी का तालाब में अवस्थित 51शक्तिपीठ तीर्थ देवी आराधक श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है। तीर्थ में वृहदाकार पंचतल मंदिर के अतिरिक्त पुस्तकालय, यज्ञशाला, सभागार, अतिथिगृह, पंचवटी, साहित्य वितरण केंद्र  तथा द्वारस्थ नर्मदेश्वर महादेव का मंदिर विद्यमान है। इन दिनों कोरोना काल के चलते मंदिर की गतिविधियां सीमित हैं। तीर्थ परिसर की संकल्पना और सृजन वृहद लोकहिताय आध्यात्मिक उद्देश्य को लेकर की गई है।
           
गत दिवस इस महत्त्वपूर्ण तीर्थ की गरिमा को नज़रंदाज़ करते प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के किसी हमलावर की तरह मंदिर परिसर के निर्माण को जेसीबी से गिरा दिया। सिर्फ यही नहीं, प्रशासन ने मंदिर के एकमात्र रास्ते को जेसीबी से खुदवा डाला। प्रशासन के लोगों ने तीर्थ में उपस्थित पुजारियों और सेवादारों की कोई भी बात नहीं सुनी। प्रशासन के इस कृत्य से सनातन मतावलंबियों और श्रद्धालुओं में गहरा रोष है।
           
मंदिर प्रबंधन ने अपना पक्ष रखने के लिए प्रशासन के लोगों से गुहार की, लेकिन किसी ने एक न सुनी। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि मंदिर के एकमात्र रास्ते को बाधित करना कहाँ का न्याय है?
            
उधर प्रशासन के उक्त कृत्य के विरोध और मंदिर के समर्थन में सनातनधर्मी नेता पंडित मानस पाण्डेय ने जनमानस से आगे आने का आह्वान किया है। जबकि निशांत वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री से ट्वीटर के जरिये गुहार कर इस मसले में हस्तक्षेप की मांग की है। प्रशासन के इस कृत्य के लिये बड़ी संख्या में श्रद्धालु और लोग अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

इस संबंध में तीर्थ की ट्रस्टी तृप्ति तिवारी का कहना है कि प्रशासन का यह रवैया धार्मिक स्थल की गरिमा पर कुठाराघात करने जैसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हमें न्याय की उम्मीद है। वे निश्चय ही दोषियों को दंडित कर  मंदिर की गरिमा और मर्यादा की रक्षा करेंगे।

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