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दिल्ली: कोरोना संक्रमितों की संख्या 32000 के पार, स्वस्थ होने की दर 37.32 फीसदी

Thursday, June 11, 2020

/ by Editor
नई दिल्ली
राजधानी में कोरोना संक्रमण भयावह रुप लेता जा रहा है एवं पिछले 24 घंटों में 1501 मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा 32000 के पार हो गया तथा 79 और मरीजों की मौत से कुल मरने वालों की संख्या 984 हो गई लेकिन राहत की बात यह है कि मरीजों के स्वस्थ होने की दर 37.32 फीसदी पहुंच गयी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार रात जारी आकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में वायरस के 1501 मामले आए और संक्रमितों की कुल संख्या 32810 पर पहुंच गई। मंत्रालय के मुताबिक दिल्ली में वायरस से 12245 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जिनमें 384 लोग आज स्वास्थ हुए हैं। फिलहाल राजधानी में 19581 मामले सक्रिय हैं।
मंगलवार को एक दिन में 1166 केस आए 
जैन ने बताया कि दिल्ली के अंदर अभी 31309 केस हैं, जिसमें मंगलवार को 1166 केस आए। दिल्ली में 18543 केस एक्टिव हैं। अभी अस्पताल में करीब 5 हजार लोग भर्ती हैं और कोविड के लिए बनाए गए कुल बेड में से अभी 4 हजार बेड खाली हैं। कल प्राइवेट अस्पताल में 2 हजार बेड और बढ़ाएं हैं। दो-तीन दिन के अंदर यह सभी बेड तैयार हो जाएंगे। कहा कि मानव इतिहास में यह सबसे बड़ा संकट है। आज से 100 साल पहले स्पैनिश फ्लू नाम से महामारी आई थी, जो इतने बड़े स्तर पर पूरी दुनिया में फैला था। यह 100 साल के बाद सबसे बड़ी त्रासदी है।
इम्पैनल्ड निजी अस्पताल ने डीजीईएचएस लाभान्वितों को भर्ती करने से मना किया तो होगी कार्रवाई
कोरोना के संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही निजी अस्पताल पैसा कमाने के लिए मरीजों के इलाज में भेदभाव कर रहे है। इसके चलते दिल्ली सरकारी कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (डीजीईएचएस) में इमपेनल्ड निजी अस्पताल के योजना में लाभांवित कोरोना संदिग्ध/संक्रमित का इलाज करने से मना करने संबंधी शिकायतें मिली है।
इसे गंभीरता से लेते हुए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेस ने सभी निजी अस्पतालों को डीजीईएचएस के तहत अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन बताया है। साथ ही इमपेनल्ड अस्पताल को आदेश जारी किए है कि वह योजना में लाभांवित कर्मचारी या पैंशनर्स मरीज का डीजीईएचएस रेट पर इलाज उपलब्ध कराएंगे।
साथ ही कोई अस्पताल योजना में लाभांवित मरीज को बैड होने पर भर्ती करने से भी इंकार नहीं कर सकते है। आदेश के अनुसार निजी अस्पताल को अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन मान कर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। बता दें कई अस्पताल में सरकारी हेल्थ योजना के मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे है। दरअसल निजी अस्पताल मनमाने रेट पर कोरोना मरीजों का इलाज के नाम पर मोटी रकम कमाने के लिए योजना के लाभांवित मरीजों को भर्ती करने से ही इंकार कर रहे है।

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