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लॉक डाउन के चलते लिया गया एक फैसला जो बन गया समाज के लिए नजीर

Wednesday, June 10, 2020

/ by Editor
लखनऊ।

लखनऊ काकोरी आज पूरा भारत वर्ष कोरोना जैसी वैश्विक  महामारी से लड़ रहा है कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के चलते केंद्र सरकार ने पूरे भारतवर्ष में लगभग 3 महीने के लिए लॉक डाउन का ऐलान किया था।अब धीरे-धीरे राज्य सरकारों ने लॉक डाउन खोलने का फैसला  लिया है कहने को तो हम अनलॉक फेस वन में है लेकिन कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय जरूर है।

3 महीने के लॉक डाउन में लगभग सभी दुकाने बंद होने से व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ा है जिसके चलते केंद्र सरकार व राज्य सरकारों ने नागरिकों के लिए तमाम सुविधाएं मुहैया भी कराई हैं। 3 महीने के इस लॉक डाउन में काकोरी नगर पंचायत की मुजफ्फरनगर ग्राम सभा के चौधरी खेड़ा निवासी धर्मेंद्र यादव द्वारा लिया गया एक फैसला इस समय चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार काकोरी मोड़ पर धर्मेंद्र यादव की संस्कार मार्केट के नाम से एक मार्केट है जिसमें लगभग 20 से 25 दुकानदारों ने धर्मेंद्र यादव से दुकानें किराए पर ले रखी हैं। धर्मेंद्र यादव द्वारा सभी दुकानदारों के साथ एक मीटिंग लॉक डाउन को लेकर की गई जिसमें लगभग सभी दुकानदारों ने 3 माह के लॉग डाउन में दुकानों का किराया ना दे पाने का प्रस्ताव रखा जिसको धर्मेंद्र यादव ने सहर्ष स्वीकार कर लिया ।

धर्मेंद्र यादव कहा कि किसी भी दुकानदार से लॉक डाउन के समय का जो लगभग 3 माह का है दुकानों का किराया नहीं लिया जाएगा सभी दुकानदार अपना अपना बिजली का बिल अवश्य जमा कर दें बता दे की धर्मेंद्र यादव की संस्कार मार्केट में लगभग 20 से 25 दुकानें हैं जिसमें उषा साड़ी भंडार के अलावा सुनारों की भी कई दुकानें हैं और लगभग एक दुकान का प्रतिमाह किराया 35 सो रुपए है अगर एक माह का आकलन किया जाए तो लगभग यह किराया ₹87500 बनता है! और अगर 3 महीने का आकलन किया जाए यह किराया ₹262500 बनता है! 

धर्मेंद्र यादव द्वारा 262500 रुपए की धनराशि जो लगभग उनके द्वारा किराए पर दी गई दुकानों के 3 महीने का किराया बनता है  सभी दुकानदारों से 3 महीने का किराया ना लेकर समाज के लिए एक नजीर जरूर प्रस्तुत की है धर्मेंद्र यादव ने उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के समय व्यापार ना हो पाने के कारण उन्होंने अपने सभी दुकानदारों से 3 महीने का किराया ना लेने का फैसला किया है धर्मेंद्र यादव ने समाज से अपील की है कि जो लोग सक्षम हैं वह लोग भी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को लॉक डाउन के समय कार्य ना करने का पैसा अवश्य दें और जहां तक हो सके एक दूसरे की मदद करें बुरे वक्त में  इंसान ही इंसान के काम आता है!

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