Responsive Ad Slot

देश

national

ऐ जिन्दगी तू बता

Sunday, July 26, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi
कब से
समय की
धारा में
बह रहे हैं हम
अंतहीन।


नित नए सपनों की उड़ान
और फिर रह जाते हैं
अतीत वर्तमान
और भविष्य की
तारीखों में उलझकर
कुछ खोने और पाने की
जद्दोजहद में।
ये पूर्णत: सच है
कि समय का
सफर अंतहीन है।

पर गुजर रहा है कौन
 ये सवाल।

बदलती भले ही तारीखें हैं
पर गुजर जायेंगे हम
उन तारीखों के साथ
कब बन इक बीता इतिहास

ऐ जिंदगी!
अब तू बता
इस इतिहास की
कोई नई बात ..।।

लेखिका - पूजा खत्री, लखनऊ

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company