Responsive Ad Slot

देश

national

कानपुर: चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा गिरफ्तार

Wednesday, July 8, 2020

/ by Editor
कानपुर. 
बिकरु गांव में 8 पुलिसवालों की हत्या के मामले में इस इलाके के थानेदार विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। तिवारी के अलावा दरोगा केके शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, तिवारी पर शहीद डीएसपी देंवेंद्र ने गैंगस्टर विकास दुबे का बचाव करने का आरोप लगाया था। 
पुलिस जांच में सामने आया था कि विकास दुबे ने केके शर्मा को फोनकर धमकाया था और पुलिस टीम को गांव में आने से रोकने को कहा था। इससे पहले चौबेपुर थाने के सभी 68 कर्मचारियों को लाइन अटैच कर दिया गया था।
जांच कर रहे डीआईजी का भी तबादला
इससे पहले मंगलवार को हत्याकांड की जांच कर रहे एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव तिवारी को सरकार ने हटाकर पीएसी भेज दिया गया था। हत्याकांड में शहीद हुए डीएसपी देवेंद्र का एक खत सामने आया था। यह खत तत्कालीन कानपुर एसएसपी अनंत देव को लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चौबेपुर के थानेदार विनय तिवारी, विकास दुबे को बचाने का काम कर रहे हैं और इन पर कार्रवाई की जाए।
विकास का करीबी अमर एनकाउंटर में मारा गया
चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए शूटआउट के 5 दिन बाद पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी अमर दुबे का एनकाउंटर कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने हमीरपुर में अमर को मार गिराया। अमर  2 जुलाई को बिकरू गांव में हुए शूटआउट में शामिल था।
दूसरी ओर विकास मंगलवार को फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया। यूपी पुलिस ने उस पर इनामी राशि 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है। यह यूपी में किसी अपराधी पर अब तक का सबसे बड़ा इनाम है।

सूत्रों के मुताबिक विकास और उसका साथी प्रभात फरीदाबाद के सेक्टर-87 में रिश्तेदार श्रवण के घर रुके थे। इससे पहले उन्होंने होटल में रूम बुक करवाने की कोशिश की, लेकिन आईडी में फोटो क्लीयर नहीं होने की वजह से बुकिंग नहीं कर पाए। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही विकास भाग गया। पुलिस ने श्रवण, उसके बेटे अंकुर और प्रभात को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास 4 पिस्टल मिली हैं, इनमें से 2 यूपी पुलिस की हैं। बिकरू शूटआउट में बदमाशों ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर कर उनके हथियार भी लूट लिए थे।
अमर मध्यप्रदेश भागना चाहता था
फरीदाबाद तक अमर भी विकास के साथ था, लेकिन पुलिस की सख्ती को देखते हुए दोनों अलग-अलग हो गए। अमर हमीरपुर होते हुए मध्यप्रदेश भागना चाहता था, इसलिए मंगलवार रात हमीरपुर में एक रिश्तेदार के घर पहुंच गया।
अमर की ऑटोमैटिक गन बरामद
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि अमर के हमीरपुर में होने की सूचना पर एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची। अमर को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग कर दी। इससे एसआई मनोज शुक्ला और एसटीएफ का एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अमर मारा गया। हमीरपुर के एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अमर की ऑटोमैटिक गन और एक बैग बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।
अमर ने सीओ की हत्या की थी
अमर ने 10 बदमाशों के साथ बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र की हत्या की थी। अमर और उसके साथी मिश्र को घसीटकर विकास दुबे के मामा प्रेम कुमार पांडे के घर में ले गए और गोलियों से भून दिया। धारदार हथियार से भी वार किए थे। प्रेम कुमार पांडे एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है।
अमर का लखनऊ में भी घर
कानपुर शूटआउट की एफआईआर में अमर दुबे का नाम 14वें नंबर पर और वॉन्टेड अपराधियों की लिस्ट में पहले नंबर पर था। अमर और विकास रिश्तेदार थे। अमर रंगदारी और शराब के ठेकों से वसूली करता था।
विकास का एक और साथी गिरफ्तार
इस बीच कानपुर पुलिस ने विकास दुबे की गैंग में शामिल श्यामू बाजपेयी को भी गिरफ्तार कर लिया है। श्यामू के पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। श्यामू का मकान विकास के घर के पास ही है।
बिकरू गांव में कुएं में हथियार होने की आशंका
पुलिस आज फिर बिकरू गांव पहुंची। वहां विकास दुबे के घर के पास एक कुआं है। आशंका है कि कुएं में हथियार फेंके गए हैं। हथियार तलाशने के लिए पुलिस ने पंप सेट लगवाकर कुएं का पानी निकलवाया।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company