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कविता- 'ये सावन की बहार है'-अतुल पाठक "धैर्य"

Wednesday, July 22, 2020

/ by Editor
                                            अतुल पाठक "धैर्य"जनपद-हाथरस(उ.प्र.)
हल्की बूँदों की फुहार है
ये सावन की बहार है

सखियाँ संग झूलन को आईं
आज हरियाली तीज त्यौहार है

झूम उठे दिल झूम बराबर
गीतों के तराने और सावन के मल्हार हैं

यह पावन पर्व है हरियाली तीज का
इस दिन झूलों की लगती खूब कतार है

आया तीज का त्यौहार 
सखियाँ भी तैयार हैं

मेहंदी हाथों में रचाई
करे सोलह श्रृंगार हैं

हरी चूड़ी खन-खन है करती
पायल भी छम-छम है बजती

बिंदी की चमक अपार है
आज हरियाली तीज त्यौहार है

मंदिर में दर्शन को जातीं
शिव पार्वती से गुहार लगातीं

होगा अमर सुहाग
आज हरियाली तीज त्यौहार है


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