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इंटरनेशनल ई - कांफ्रेंस का हुआ सफल आयोजन

Saturday, August 8, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi
कानपुर।

एस एन सेन पी जी कॉलेज कानपुर की डा प्रीति सिंह ने को ऑर्गनायज़र के रूप में एस एस कालेज, शाहजहाँपुर तथा गवर्न्मेंट डिग्री कालेज बाजपुर  के साथ एक अंतरष्ट्रिय ई कॉन्फ़्रेन्स आयोजित की।जीवन विज्ञान के क्षेत्र में चल रही नई रिसर्च के द्वारा ही हमारे जीवन मे नई उम्मीद विकसित हो सकती है। कोविड 19 से हो रही जंग में भी यदि जल्दी ही वैक्सीन विकसित कर ली गयी तो विश्व को फायदा हो सकता है। उपरोक्त विचार एस एस कॉलेज प्राचार्य डॉ अवनीश मिश्रा ने इंटरनेशनल ई - कांफ्रेंस में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किये।

आज दिन में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक  इंटरनेशनल ई - कांफ्रेंस का सफल आयोजन एसएस कॉलेज शाहजहाँपुर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाजपुर एवं "सोसायटी फॉर रिसर्च इन बायोलॉजिकल साइंस (एसआरबीएस) द्वारा संयुक्त रूप से गूगल मीट पर आयोजित किया गया । इस का टॉपिक "रीसेंट ट्रेंड्स इन लाइफ साइंस रिसर्च: चैलेंजेज एंड प्रॉमिसेस" था।

प्रथम सत्र में ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ अतुल उप्रेती, असिस्टेंट प्रोफेसर,राजकीय महाविद्यालय बाजपुर ने विषय स्थापना की व वक्ताओं का स्वागत किया|

कीनोट स्पीकर, डॉ आकृति श्रीवास्तव , अमेरिका ने कहा कि स्टेम सेल्स पर हो रही नई शोधों को समझने की आवश्यकता है। कोरोना के इस कालखंड में हम सभी को अपनी इम्युनिटी बेहतर बनाये रखनी है और इसके लिए भारतीय परम्पराओं को भी आत्मसात करना होगा।

गेस्ट स्पीकर जालंधर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अंजना भाटिया ने कहा कि लाइफ साइन्स के क्षेत्र में तमाम ऐसी विधियों का समावेश हो चुका है जिससे हम बहुत सी बीमारियों से लड़ सकने में सक्षम है।

गेस्ट स्पीकर राजकोट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रीना दवे ने कहा हर्बल मेडिसिन की ओर देखने ही हम सबके लिए आखिरी उपाय है। यदि हम अपने कल को बेहतर बनाना चाहते है तो हमे अधिक से अधिक हर्बल दवाइयों का उत्पादन करना ही होगा।

गेस्ट स्पीकर गुरुग्राम की डॉ ज्योति अहलावत ने कहा कि कोविड 19 के इस मुसीबत भरे दौर के बाद भी भारतवासियों को सस्टेनेबल कृषि की सहायता से खाद सुरक्षा को स्थापित करना होगा व कृषि एवं पोस्ट कोरोना काल के मध्य सामंजस्य बिठाना होगा।

द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्रों का वाचन किया। द्वितीय सत्र का संचालन को ऑर्गनायज़र डा प्रीति सिंह ने किया। जिसमें शामिल कुल १६ शोधपत्र स्क्रीनिंग के बाद चुने गये ।

जूरी के निर्णय के अनुसार प्रथम, द्वितीय व तृतीय बेस्ट पेपर अवार्ड क्रमशः ऋतु शर्मा, नेहा कपूर व यूसुफ साद को प्रदान किये गए। सभी को इ प्रमाणपत्र प्रदान किये गए।

डॉ राजेन्द्र सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, बरेली कॉलेज बरेली को रिसर्च में उल्लेखनीय योगदान के लिए "एसआरबीएस रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड 2020' व अकादमिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जेपीएमपीजी कॉलेज बरेली के डायरेक्टर डॉ मनोज चंद्र कांडपाल को "

एसआरबीएस अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड 2020" से सम्मानित किया गया। दोनों को ऑनलाइन ई प्रमाणपत्र प्रदान किये गए। निर्णायक मंडल में आईआईटी दिल्ली की डॉ काव्या दशोरा व ज्ञान त्रिपाठी ने निर्णय देने की भूमिका निभाई। रपोर्टियर की भूमिका डॉ निरुपमा डालाकोटी ने निभाई।

इस इंटरनेशनल ई - कांफ्रेंस में में भारत सहित जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, किर्गिस्तान, टोगो, पाकिस्तान, नेपाल,नाइजीरिया व इराक़ आदि देशों के 650 से अधिक महानुभावों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों व विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया ।

इस इंटरनेशनल ई - कांफ्रेंस में एसएस कॉलेज शाहजहाँपुर से डॉ रमेश चंद्रा, डॉ मुमताज़ हुसैन, डॉ शिखा सक्सेना, डॉ निधि त्रिपाठी, केशव शुक्ला, ऋतु श्रीवास्तव, नैंसी गुप्ता, मीनाक्षी राठौर,मोहित यादव , ऐश्वर्य पाठक, मनोज मिश्रा व आनंद तिवारी का विशेष योगदान रहा। 

कार्यक्रम का संचालन ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ अतुल उप्रेती,असिस्टेन्ट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, बाजपुर  ने किया जबकि होस्ट की भूमिका डॉ रमेश चंद्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग, एसएस कॉलेज ने निभाई।

अंत मे इंटरनेशनल ई - कांफ्रेंस सेक्रेटरी व एसआरबीएस संस्था के प्रेसीडेंट व वनस्पति विज्ञान विभाग, एसएस कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ आदर्श पाण्डेय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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