Responsive Ad Slot

देश

national

आओ मिलकर बने धरती के भगवान - सोनल उमाकान्त बादल

Saturday, August 29, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi

सोनल उमाकांत बादल (फ़रीदाबाद)

हों गरीब असहाय जो भूखे करें उनका कल्याण 

आओ मिलकर बनते हैँ सभी हम धरती के भगवान, 


नहीं पास है रोटी जिनके न पीने को पानी, आओ पहुंचे पेट भरने उनका बनकर जीवनदानी,  

भूख मिटाने बेसहारों की आओ करें अन्नदान, मिलकर पहुंचाते हैँ उनके घर राशन का सामान

मिलेगी दुआ गरीब किसी की तो हो जाएंगे धन्यवान, 

आओ मिलकर बनते हैँ हम धरती के भगवान, 


मिले जो राह में प्यासा भूखा 

देदो पास हो जो रुखा सूखा 

हो सके तो ख़ुद भूखे रहकर 

बनो निवाला उनके मुँह का 

जो भी मिला सब ईश्वर का है 

तो किस बात का करें ग़ुमान 

नहीं अमीर ना गरीब है कोई 

सब जन एक समान 

आओ मिलकर बनते हैँ हम सब धरती के भगवान, 


मीलों पैदल चलने वालों के पथ का सहारा बनना 

हो सके तो वहाँ पुष्प बिछाकर 

राहों के कांटे बुनना 

 जो मदद को दें पुकार कोई तुमको तो झट से दौड़ के सुनना 

अनदेखा मत करना उनको 

कहीं पलट के जाना तुम ना 

हो सके तो बनना जरूर तुम 

किसी की समस्या का समाधान 

आओ मिलकर बनते हैँ हम सब धरती के भगवान, 


मायाजाल से इस संसार में सब हैँ माटी की काया 

ज्यों निकले तन प्राण कहीं जो तू 

पंचतत्व में समाया 

जीवन भर धन सम्पति ज़ेवर जो

कुछ तूने कमाया 

काम लोभ मद मोह राग में जीवन व्यर्थ गंवाया 

मिला जन्म मानुष योनि तन लगा नहीं सतकर्म तेरा मन 

करले जाग्रत अपने मन को क्योंकि नर में ही तो बसे नारायण 

दान धर्म जनमानस सेवा परोपकार ही है असली धन 

ना अपनाया इनको जो तूने तो फिर व्यर्थ है तेरा ये जीवन 

हर पल हर छण करता रह तू 

ईश्वर का गुणगान 

चार दिनों की है ज़िंदगी फिर अंत समय शमशान 

ईश्वर की दी गई सांसों पर ना कर तू इतना अभिमान

यही कहानी जीवन की हाँ यही तो विधि का विधान

कर्मों के आधार पे ही मिलते अंत समय भगवान, 

( Hide )
  1. बहुत सुन्दर भावपूर्ण भिव्यक्ति

    ReplyDelete
  2. बेहतरीन प्रस्तुति हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

    ReplyDelete

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company