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चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से

Sunday, August 9, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi

नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान (लखनऊ)

    आज जब मैं प्रपंच चबूतरे पर पहुंचा, तब चतुरी चाचा के साथ ककुवा व बड़के दद्दा राम मंदिर पर चर्चा कर रहे थे। वहीं, पच्छेहार से आए मुंशीजी व कासिम चचा हाथ-पैर धो रहे थे। सबके चेहरे पर मॉस्क लगे थे। ककुवा भी अपना मुंह गमछे से बांधे  हुए थे। हम सब चबूतरे किनारे पड़ी कुर्सियों पर विराज गए। चतुरी चाचा ने राम मंदिर के लिए भूमि पूजन हो जाने पर खुशी का इजहार किया। वह बोले- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रद्धा देखकर समूचा विश्व चकित रह गया। मोदी जी के भाषण से हम सबको सबक लेना चाहिए।

     बड़के दद्दा बोले- रामलला को करीब पांच सौ साल बाद भव्य-दिव्य आवास (मन्दिर) मिलने जा रहा है। हमारी पीढ़ी बड़ी किस्मती है, जो रामलला को टेंटवास से मन्दिर में जाते देख रही है। सरकार अयोध्या का भी कायाकल्प करवा रही है। अयोध्या तीन साल बाद अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में पहचानी जाएगी। भारत के जनमानस को अपने  महान पूर्वजों से सीखना चाहिए। बड़के दद्दा की बात को आगे बढ़ाते हुए कासिम चचा बोले- राम जी से आधुनिक युग के राजाओं को शिक्षा लेनी चाहिए। मोदी जी ने सही कहा था कि रामचन्द्र जैसा शासक पूरी धरती पर कोई दूसरा हुआ ही नहीं। अगर राम के आदर्शों पर कोई भी राजनेता चले तो जनता को कोई दुःख और अभाव नहीं होंगे। अब राम के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि रामराज्य की परिकल्पना साकार होनी चाहिए। 

   इसी दौरान चंदू बिटिया नींबू-पानी, लोन-बरिया व गिलोय का काढ़ा लेकर आ गयी। चंदू कई महीने से मॉस्क लगाकर ही घर के बाहर आती है। वह चाय-पानी की ट्रे एक कुर्सी पर रखकर सबको नमस्ते करती है। फिर तुरन्त फुर्र हो जाती है। चंदू आज भी ट्रे रखकर जाने लगी। तब उसे ककुवा ने रोक लिया। ककुवा बोले- अरे पोती! यतनी तेज न भागा करव। हम पँचय लकड़बग्घा न आन। बिटिया, यूह  झोरा घरय लेहे जाव। अपनी मम्मी ते भुट्टा भुनवाय क सब कोई चबाव। बहुरिया क  बताय देहव की ककुवा बाबा अपने ख्यात ते लाय हयँ। चंदू मक्के के भुट्टे लेकर घर चली गई।

  सबने लोन-बरिया खाकर गुनगुना पानी पीया। फिर काढ़े का कुल्हड़ उठा लिया। ककुवा बोले- चतुरी भाई, यूह कोरोउना सार मनई का मनई से दुरि कय दिहिस। कतने महीना बीतिगे गाँव केर लरिका-बिटिया घरन मा कैद हयँ। बच्चन केर खेलब-कूदब अउ बाहर घूमब-टहलब सब पय पाबंदी लागि हय। सब अपने पापा-मम्मी केरे मोबाइल ते पढ़ि रहे। ई आन लाइन पढ़ाई ते लरिकन कय आँख अउ दिमाग सबु कमजोर होय जाई। पहिले हम खुदय पूरे गाँव मा घुमित रहय। मुला जब से कोरोउना आवा तब से ठौरु-ठक्करी होय गयेन। हे भगवान! अइस महाब्याधि दुनिया मा कबहूँ न आवय।

    चतुरी चाचा बोले- रिपोर्टर, कोरोना मीटर कितने पर चल रहा है? हमने कहा- चाचा, कोरोना विश्व के तमाम देशों में अभी भी कोहराम मचाए है। इस समय जिन दस देशों में सबसे ज्यादा कोरोना महामारी फैली है। उनमें भारत तीसरे पायदान पर है। अमेरिका और ब्राज़ील भारत से ऊपर हैं। दुनिया में चीन से आए कोरोना ने अबतक करीब दो करोड़ लोगों को बीमार किया है। वहीं, इस महामारी से अबतक सात लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। भारत में भी करीब 21 लाख लोग पीड़ित हो चुके हैं। वहीं, करीब 43 हजार लोग बेमौत मारे जा चुके हैं। इस समय महाराष्ट्र, दिल्ली के साथ यूपी में भी कोरोना संक्रमण बढ़ा है। अकेले लखनऊ में रोज 600-700 नए मरीज मिल रहे हैं। कोरोना शहर से गांव तक पहुंच गया है। हालांकि, भारत में मौतें कम हो रही हैं। यहाँ कोरोना मरीज बड़ी संख्या में स्वस्थ हो रहे हैं।

   काफी देर से सबको सुन रहे मुंशीजी बोले-देखो, अमिताभ बच्चन ने कोरोना को मात दे दी। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। कल टीवी में देखा था कि केरल के कोझिकोड में एक जहाज लैंडिंग करते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुबई से उड़कर आया था। दोनों पायलट सहित डेढ़ दर्जन लोग बेमौत मारे गए। उधर, बाढ़ कई राज्यों में तबाही मचाए है। चीन और पाकिस्तान अलग से भारत की छाती पर मूंग दल रहा है। हर तरफ आफत है। अभी पता नहीं, इस साल क्या क्या देखना पड़ेगा? बस, कोई तरह से  यह 2020 निबट जाए।

  इसी के साथ आज की बतकही सम्पन्न हो गई। मैं अगले रविवार को एक बार फिर चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली पंचायत का ब्यौरा लेकर हाजिर रहूँगा। आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई! तबतक के लिए पँचव राम-राम!

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