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खेल के अनुभव से नई पीढी को तैयार करना है -डॉ0 अमीता सिंह

Wednesday, August 5, 2020

/ by Editor
अमेठी। 

o लेट द बर्ड फ्लाई’ वेबिनार एक ‘विरासत की श्रृंखला’ में  चैंपियनों ने साझा किया अनुभव

उत्तर प्रदेश शासन मे पूर्व मंत्री, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन तथा डेल्ही कैपिटल बैडमिंटन एसोसिएशन (डीसीबीए) अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह के मेजबानी मे 02 अगस्त की शाम 6 बजे से 7:30 तक दिल्ली में वेबिनार ‘लेट द बर्ड फ्लाई’ का दूसरी बार आयोजन किया गया. डीसीबीए अध्यक्ष डॉ० अमीता सिंह ने बताया की यह वेबिनार वास्तव में एक विरासत की श्रृंखला के रूप में आयोजित किए जा रहे हैं जो आगे भी आयोजित होते रहेंगे. जिसमे पूर्व में बैडमिंटन चैंपियन रह चुके खिलाड़ी तथा वर्तमान दौर के खिलाड़ी आमंत्रित किए जा रहे हैं जो अपने अनुभव युवाओं से साझा कर रहे हैं. डॉ0 अमीता सिंह ने रविवार शाम को आयोजित वेबिनार में कहा कि युवा पीढ़ी आगे खेल ले जाने के लिए प्रयास करना है। इस लिए कार्यक्रम किए है। 
            
                 (डॉ0 अमीता सिंह, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन, अध्यक्ष- डीसीबीए)
इस वेबिनार में अतिथि के रूप में अमी घिया शाह, मधुमिता गोस्वामी बिष्ट और पी वी सिन्धु मौजूद रहीं. अमी घिया शाह का 21 सालों का खेलने का अनुभव है जिसमे उन्होंने 1968 से 1989 तक कई खिताब अपने नाम किए. मधुमिता गोस्वामी बिष्ट का महिला बैडमिंटन चैंपियनशिप में 1975 से 2002 तक लंबा खेल कैरियर रहा. कई बैडमिंटन चैंपियनशिप अपने नाम करने वाली मधुमिता गोस्वामी बिष्ट 2004 से 2018 तक कोच भी रही और कई अर्जुन अवार्ड से नवाजी भी गई. वहीँ पी वी सिन्धु बैडमिंटन खेल जगत में आज एक जाना-माना नाम है  
            
डेल्ही कैपिटल बैडमिंटन एसोसिएशन (डीसीबीए) अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने कहा की खेल में खिलाड़ी के पसीने की हर एक बूँद के पीछे एक कहानी होती है. बैडमिंटन खेलने के सवाल पर अमी घिया शाह ने कहा मैंने अपने कंपाउंड में खेलना शुरू किया और पड़ोसियों ने खेलने का सुझाव दिया और यहीं से खेल की शुरुवात हुई. मधुमिता गोस्वामी बिष्ट ने कहा कि मेरे पिता से मुझे खेलने की प्रेरणा मिली. पी वी सिन्धु ने कहा की मुझे खेल के मैदान में जाना शुरू से पसंद था. पी वी सिन्धु ने पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन कैसे बनाए के सवाल पर जवाब देते हुए कहा की थोड़ी मुश्किल होती है पर स्कूल ने काफी सहयोग किया और मैंने आखिरी तक एमबीए पूरा किया. उन्होंने कहा खेल के प्रति जूनून के चलते मैं अपनी बहन की शादी में पहुँच नहीं सकी. 
            
वेबिनार में डॉ० अमीता सिंह ने कहा की युवा खिलाड़ी ऐसी महिला खिलाडियों से जो अतीत और वर्तमान हैं जरूर प्रेरणा लेंगे और खेल जगत में गोल्ड मेडल ले आएँगे. उन्होंने कहा कि  वास्तव में ट्रेनिंग, निष्ठा, और अनुशासन एक स्टार को बनाता है।

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