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लखनऊ :अब दफ्तर के नहीं लगाने होंगे चक्कर , संपत्ति का ब्यौरा देकर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे हाउस टैक्स

Monday, September 14, 2020

/ by Editor

लखनऊ

हाउस टैक्स की ज्यादा से ज्यादा रिकवरी के लिए लखनऊ नगर निगम ने सारी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। नगर निगम 20 सितंबर को इस दिशा में वेबसाइट लांच करेगा। इसमें मकान मालिकों को ऑनलाइन सेल्फ एसेसमेंट प्रॉपर्टी टैक्स सर्विस की सुविधा मिलेगी। इस वेबसाइट में संपत्ति मालिकों को अपनी संपत्ति का पूरा विवरण देना होगा। यदि टैक्स बकाया है तो भी जानकारी देनी होगी। एक हफ्ते के भीतर क्षेत्रीय इंस्पेक्टर अपनी रिपोर्ट लगाएगा।


नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का कहना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू नगर निगम को आएगा और बाबू और टैक्स इंस्पेक्टर के चक्कर भवन स्वामी को नहीं लगाने पड़ेंगे। ऑनलाइन पोर्टल पर टैक्स के संबंधित सभी जानकारियां देनी होगी।

एक हजार करोड़ का बकाया, 200 करोड़ का टारगेट

नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का कहना है कि 2020-21 में 200 करोड़ रुपए का टारगेट है। इससे पहले का एरियर बकाया है, जो कि एक हजार करोड़ है। उम्मीद है कि ऑनलाइन सेल्फ एसेसमेंट प्रॉपर्टी टैक्स सर्विस के बाद यह आएगा। ऑनलाइन सुविधा शुरू होने के बाद दुकान होटल मॉल अस्पताल अन्य प्रतिष्ठान वाले भी बिल्डिंग का हाउस टैक्स को तय कर सकेंगे। इसके लिए कारोबार के हिसाब से आवासीय टैक्स को 3,4,5 और 6 गुना गणना करनी होगी।

जीआईएस सर्वें के तहत हाउस टैक्स का विवरण जुटाया जा रहा

नगर आयुक्त द्विवेदी ने कहा कि शहर के सभी हाउस का जीआईएस सर्वे करवा रहे हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर उसका विवरण उपलब्ध रहेगा। जिससे लोग अपना सेल्फ एसेसमेंट टैक्स कर सकेंगे। सेल्फ कैलकुलेशन टेक्स्ट का विवरण अंकित कर सकेंगे। इसके बाद हमारे टैक्स इंस्पेक्टर एक सप्ताह के अंदर उस प्रॉपर्टी के टैक्स को वैरीफाई करेंगे। अगर वह एक सप्ताह के अंदर अपना रिपोर्ट नहीं देते तो ऑटोमेटिक उसे सबमिट माना जाएगा और सक्षम अधिकारी तक केस ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

ऑनलाइन सुविधा के बाद बढ़ेंगे टैक्सपेयर

नगर आयुक्त द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान में हमारा हाउस होल्ड कवरेज लगभग 50 परसेंट है। कई सारे ऐसे हाउसहोल्ड हैं, जो गवर्नमेंट ऑफिस में होने के चलते टैक्स पे नहीं कर पा रहे हैं। ऑनलाइन सुविधाओं के बाद शायद वह भी इसका लाभ उठा पाएंगे। अभी तक हमारा जो भी एसेसमेंट सिस्टम था वह मैनुअल था। उसमें सब कुछ इंस्पेक्टर के हाथ में होता था। ऑनलाइन होने के बाद ऐसा नहीं होगा। अभी तक हमने जोन 4 में पूरा सर्वे करवा लिया है। अन्य जोन में भी सर्वे जारी है।

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