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पिछड़ावर्ग विरोधी भाजपा को पिछड़े ही किये मजबूत-लौटनराम निषाद

Wednesday, September 16, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi

लखनऊ।

गोमतीनगर स्थित एस जी गेस्ट हाउस में पिछडावर्ग प्रतिनिधि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष लौटनराम निषाद का स्वागत पसमांदा मुस्लिम महाज, गड़रिया महासभा,कश्यप निषाद जागरण समिति,उत्तर प्रदेश लोधी सभा,पिछड़ावर्ग समन्वय समिति द्वारा किया गया।बतौर मुख्य अतिथि चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि पदच्युत होने के बाद हमारी निष्ठा व संघर्षशीलता की भावना पिछड़े-दलित-पसमांदा समाज के संवैधानिक अधिकारों, लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए और प्रबल हुई है।कहा,मण्डल विरोधी भाजपा कभी पिछड़ावर्ग की हितैषी नहीं हो सकती।मण्डल के विरोध में ही कमण्डल राजनीति शुरू हुई।खेद है कि पिछडावर्ग विरोधी भाजपा को खाद,पानी देकर पिछड़े ही मजबूत किये हैं।कुर्मी,निषाद, लोधी,कुशवाहा, मौर्य,पाल,चौहान आदि अपनी अपनी जाति का मुख्यमंत्री बनाने के चक्कर में आरक्षण, संविधान व सामाजिक न्याय विरोधी भाजपा को आगे कर अपने पैर में कुल्हाड़ी मार लिए। 

      निषाद ने ओबीसी ,एससी उपवर्गीकरण को आरएसएस की फिरकापरस्त साज़िश बताते हुए कहा कि मण्डल विरोधी भाजपा पिछडों,दलितों व वंचितों की हितैषी नहीं हो सकती।सेन्सस-2021 में जातीय जनगणना कराने,ओबीसी,एससी को जनसंख्या अनुपात में हर स्तर पर आरक्षण कोटा दिलाने,ओबीसी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में दर्ज कराने,उच्च व केन्द्रीय शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में समानुपातिक आरक्षण कोटा देने,ओबीसी,एससी का बैकलॉग भरने,उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों के मनोनयन के कॉलेजियम सिस्टम को खत्म कर भारतीय न्यायिक सेवा आयोग से करने की मांग को मजबूती से उठाकर संघर्ष किया जाएगा। कॉलेजियम को विश्व की अनोखी परम्परा बताते हुए कहा कि इससे जातिवाद, भाई-भतीजावाद को खुला बढ़ावा दिया जाता है।कॉलेजियम सिस्टम असंवैधानिक व नैसर्गिक न्याय के प्रतिकूल है।निजीकरण व संविदा भर्ती नियमावली व नई शिक्षा नीति को ओबीसी,एससी, एसटी को शिक्षा,सम्पत्ति,सम्मान,प्रतिनिधित्व से वंचित करने की साज़िश है। उन्होंने कहा कि मैं समाजवादी था,समाजवादी हूँ और समाजवादी ही रहूँगा।पिछडेवर्ग का आह्वान करते हुए 2022 में सपा की सरकार बनाने की अपील की।

     विनोद पाल ने कहा  कि पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ को कोई जानता नहीं था,जिसे लौटनराम निषाद ने पहचान दिया।अतिपिछड़ों को जोड़ने की पहल में सफल हो रहे थे।पर,आरएसएस मानसिकता के जातिवादियों व कुछ ओबीसी नेताओं ने ईर्ष्यावश इन्हें साज़िश कर पडसे मुक्त करा दिया।वही सुहेल अंसारी ने कहा कि पहली बार लौटनराम ने माइक्रो सोशल इंजीनियरिंग के तहत संगठन को खड़ा किये,वंचित वर्गों को सम्मान दिए।पिछडावर्ग प्रतिनिधि सम्मेलन में लौटनराम निषाद के निर्णय के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी सम्मेलन में शामिल हुए।सम्मेलन की अध्यक्षता दीपेश वर्मा व संचालन कृपाशंकर लोधी व धन्यवाद प्रकाश रघुनन्दन प्रजापति ने किया।शिवशंकर राजभर,रामबृक्ष चौहान,दिनेश निषाद, अखिलेश विश्वकर्मा, महेश साहू,सुरेश कश्यप,माणिकलाल प्रजापति,शिवमोहन शर्मा,सुरेन्द्र यादव,राजकुमार पाल आदि ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया।

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