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दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमृता धवन ने यूपी पुलिस पर लगाया कपड़े फाड़ने का आरोप

Thursday, October 1, 2020

/ by Editor

 नई दिल्ली

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी  गुरुवार को हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिजनों से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने दोनों को ग्रेटर नोएडा पर रोका और वापस दिल्ली भेज दिया गया। इस बीच, यूपी पुलिस पर दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमृता धवन ने उनके कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यूपी पुलिस ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धक्कामुक्की करना शुरू कर दिया। करीब 200 से 300 से पुलिसकर्मियों ने धावा बोलकर लोगों के कपड़े फाड़े। उनका आरोप है कि यूपी पुलिस ने उनके भी कपड़े फाड़ दिए। हालांकि नोएडा पुलिस इन आरोपों को खारिज किया है।

यूपी पुलिस के खिलाफ अपना रोष प्रकट करने के लिए अमृता धवन ने ट्वीट किया, 'योगी-मोदी के संस्कारों का प्रमाण है, ये Face with cold sweat ताक़त दिखानी है तो अपराधियों तक दिखाओ , हमारा चीर हरण करके क्या हासिल होगा ??? याद रखना द्रौपदी चीर हरण और सीता हरण का अंत कहां जाकर थमा था !!' सोशल मीडिया पर अमृत धवन की तस्वीरें वायरल हो गई हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता यूपी पुलिस के खिलाफ जमकर रोष प्रकट कर रहे हैं।

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दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी गुरुवार को हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिजनों से मिलने जा रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें ग्रेटर नोएडा पर रोका और फिर वापस दिल्ली भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने राहुल गांधी को अरेस्ट किया। नोएडा ADCP रणविजय सिंह ने कहा कि यहां महामारी अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है। माननीय हाई कोर्ट की अवमानना हो रही है। अभी हम इनको यहां से आगे नहीं जाने देंगे।
उधर, राहुल गांधी ने कहा कि अभी पुलिस वालों ने मुझे धकेल के लाठी मारकर गिराया ठीक है, मैं कुछ नहीं कह रहा हूं, कोई प्रॉब्लम नहीं। इस हिंदुस्तान में क्या RSS और BJP के लोग ही चल सकते हैं? क्या आम आदमी नहीं चल सकता? क्या इस देश में नरेंद्र मोदी ही पैदल जा सकते हैं? उधर, इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी योगी सरकार को लेनी होगी, जिस तरह से प्रदेश में महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहें, ये बंद होने चाहिए। यही स्थिति पिछले साल भी थी। पिछले साल तकरीबन इसी समय हम उन्नाव की बेटी की लड़ाई लड़ रहे थे। प्रदेश में हर रोज़ 11 रेप हो रहे हैं।
उधर, जिला प्रशासन ने हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के घर पर किसी के भी जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई। घर का इलाका बेरिकेडिंग करके सील किया। इसके साथ ही पूरे जिले में धारा-144 लागू कर सीमाएं सील कर दी गई हैं। इस दौरान मीडिया की एंट्री पर भी रोक दी गई है।

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