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बिजया दशमी पर नवजात शिशु की मौत, आसमान के नीचे बच्चे की परवरिश

Monday, October 26, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi



पात्र गरीब आवासीय योजना से वंचित

महिला की मौत से कर्ज में डूबा कुनबा  

हरिकेश यादव (संवाददाता इंडेविन टाइम्स)

अमेठी। 

गरीबी ऐसा दुख है। जो दुनिया का सबसे बड़ा  अभिशाप है। जिससे छुटकारा दो सूरत में मिल पाता है। या तो कर्म करने है। या फिर देबी - देवताओं के आराधना, पूजा-पाठ, भक्ति  से ही दुख दूर हो सकता है। अन्यथा जीवन नरकीय हो जाता है।

             जिले के अमेठी तहसील की ब्लाक  भेटुआ की ग्राम पंचायत भरेथा में प्रदीप कुमार नट पुत्र भुडू नट (22) की पत्नी के पुत्र पैदा हुआ। एक वर्ष अभी नहीं बीता है कि शनिवार और रविवार रात में नवजात शिशु की मौत हो गई। दम्पत्ति परिवार खुले आसमान के नीचे शादी के चन्द माह बाद रहने लगा। पास में एक निजी नलकूप में गृहस्थी का समान प्रदीप कुमार नट रखते थे । वे मजदूरी करके परिवार का पालन कर रहे थे।                     

अमेठी जिले में सांसद स्मृति जुबिन ईरानी हैं जो वर्तमान समय में भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री महिला एवं बाल विकास, बस्त्र मंत्रालय में है। जिला पंचायत अध्यक्ष शिव कली मौर्य , जिला पंचायत सदस्य बलराम यादव, अमेठी बिधायक गरिमा सिंह, क्षेत्र पंचायत समिति भेटुआ अध्यक्ष बिमला देबी कोरी , क्षेत्र पंचायत सदस्य सरायपान - गुंगवाछ सुनील कुमार कोरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य भरेथा दुर्गावती तिवारी ,ग्राम पंचायत सदस्य बृजलाल पाल  जनप्रतिनिधियों को खबर नहीं है कि पूरे मोती राम भरेथा में दम्पति कैसे आसमान के नीचे जीवन बसर कर रहा है।  प्रजातन्त्र में इस तरह की उदासीनता से जनप्रतिनिधि अपने दायित्व से पीछे हटकर सरकार के दावों को  खोखले सबित करने मे लगे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का बेजा इस्तेमाल हो रहा है। पात्रता की अनदेखी की जा रही है। उत्तर प्रदेश के पंचायत राज बिभाग और ग्राम्य बिकास बिभाग के कैबिनेट मंत्रियों को शासन - प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पंचायत में शासन के आदेश के पालन की बात भ्रामक दे रहे हैं। तभी तो नवजात शिशु की मौत हुई। दोषियों को दण्ड मिलना चाहिए। यही नहीं कई परिवार है। जो किराए के कमरे में जीवन यापन कर रहे हैं। बैजनाथ पाल पुत्र राम दयाल पाल निवासी पूरे मोती राम भरेथा किराए के जर्जर कमरे में रहते हैं। और पत्नी की इलाज में पांच से छह लाख रुपये खर्च हो गये। चार दिन पहले मौत  हो गई। बैजनाथ पाल भूमि हीन है राशन कार्ड अन्त्योदय का नहीं बना है।  इलाज करवाने के लिए बीपीएल और सामाजिक आर्थिक गणना की सूची की पात्रता सूची से बाहर है। आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की पात्रता से बंचित है। भेड पाल कर, मबेशी का इलाज कर चार बेटी, एक बेटे की परवरिश कर रहे हैं। पूरे गनेश लाल भरेथा में सिमरन बिश्वाश पत्नी दीपक बिश्वाश किराए के कमरे में अर्से से रह रहे हैं। पहले राम लखन कोरी के कमरे में अब पवन कुमार श्रीवास्तव के कमरे प्रवास कर रहे हैं। इन्हें भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उर्मिला देवी पत्नी दिनेश कुमार तिवारी छप्पर के मकान में पूरे पुरन्दर सरायपान भरेथा में बच्चों के साथ गुजर कर रहे हैं।

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