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दुष्कर्म पीड़ित परिवार की आवाज बनेगी उत्तर प्रदेश की महिलाएं

Tuesday, October 20, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi

 

लखनऊ।

आवाज फाउंडेशन पिछले 21 वर्षों से महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रहे अत्याचार, शोषण व दुष्कर्म मामलों पर आवाज उठाता आ रहा है। बीते कुछ वर्षों से उत्तर प्रदेश में महिलाओं व बेटियों पर दुष्कर्म जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेशकर पिछले कुछ महीनों से प्रदेश में महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म की घटनाएं रुकने का नाम नही ले रही हैं।

•  उत्तर प्रदेश में क्या बेटियां सुरक्षित नही रह गई हैं?

•   क्या बेटियों को खुले आसमान में जीने का अधिकार नही रह गया है?

•  क्या उत्तर प्रदेश सरकार दुष्कर्म जैसे महिला अपराधों को रोकने में नाकाम है?

•  यह एक कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह है।

•  उत्तर प्रदेश सरकार को महिलाओं एवं बेटीयों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

 हम सबने पिछले कुछ महीनों में हाथरस, बलरामपुर, आगरा, कानपुर, झांसी, बांदा, देवरिया, कुशीनगर, लखनऊ जैसी जघन्य, इंसानियत को रौंदने वाली दुष्कर्म व हत्या की घटनाओं के साक्षी बन चुके हैं। फतेहपुर के क्सगवा ग्राम में 7 अक्टूबर 2020 को एक बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई है। आवाज फाउंडेशन खुद पीड़ित परिवार से मिला और पीड़ित परिवार का दुःख महसूस किया। वहां मौजूद लोगों से भी बात कर घटना की जानकारी ली। 

पीड़ित परिवार प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है लेकिन प्रशासन घटना को एकल दृष्टि से देखते हुए आदित्य रैदास नामक युवक को गुरफ्तार किया जिसने जुर्म कबूल कर लिया जैसा कि पुलिस स्टेटमेंट है। लेकिन पिता के अनुसार यह उस एक व्यक्ति का अकेले का दुष्कार्य नही हो सकता है। इसमें कई और लोगों के शामिल होने की आशंका है।

•  ये दुष्कर्म कांड केवल एक व्यक्ति का काम नही है क्योंकि बिटिया अपराधी से ज्यादा लम्बी और हेल्दी थी।

•  पीड़िता के शरीर पर छीना झपटी व नाखूनों के निशान थे। शरीर से खून बह रहा था।

•  ऐसी निश्चित संभावना है कि अपराध कहीं और किया गया उपरांत शव को बरामद जगह पर रखा दिया गया।

•   आवाज फाउंडेशन ने हाथरस केस के लिए भी पीआईएल दाखिल की है जिसकी सुनवाई रिज़र्व   है।

•  हम कसगवा केस पर भी पीआईएल दाखिल करने जा रहे हैं। इस पीआईएल को।आवाज फाउंडेशन के द्वारा दाखिल किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से पिता की आवाज को आगे करते हुए प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सामूहिक बलात्कार के रुप में देखा जाए और जांच पड़ताल की जाए। पीडिता और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने में हमारा सहयोग करें। यदि कोई अन्य संस्थाएं या व्यक्ति आवाज फाउंडेशन के साथ मिलकर महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाना चाहता है, वो हमसे जुड़ सकता है।

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