Responsive Ad Slot

देश

national

जन्म बिटिया पर बधाई - अनामिका सिंह 'अना'

Tuesday, November 10, 2020

/ by Dr Pradeep Dwivedi

अनामिका सिंह 'अना', फिरोजाबाद

 ढोलकी  की   थाप   गुम  है ,

कोख भी  कुछ  कसमसाई ।


है   विकट   संताप   बखरी

वंश  का  वारिस  न आया । 

सोच  में  जच्चा  न  सोहर , 

कंठ     कोई    गुनगुनाया ।।


झूठ   मुँह  फूटी   नहीं   है ,

जन्म  बिटिया पर   बधाई ।


सब    पढ़ेंगे   सब    बढ़ेंगे , 

मुँह  चिढ़ाता  रोज स्लोगन ।

भेद  की   है   भित्ति  ऊँची ,

रोपता   है   खेत  बचपन ।।


आखरों संग  हैं  अपरिचित ,

क्या  इकाई   क्या  दहाई  ।


नित्य  ही   होती   बलत्कृत ,

राह  में  अनचाही  ' मीना '।

और     आरोपी     विचरते ,

खोलकर   बेलौस    सीना ।।


न्याय   उस   पाहले   उतारे ,

बदनजर   सिर   नून   राई ।


देह  का   यह  चाक   घूमा ,

है  कटा   जीवन   अलोना ।

पृष्ठ  जो   पलटें  विगत  हैं,

आखरों  का  स्वाद  नोना ।।


वयस  भर  ठहरी अमावस ,

फेर   मुँह    बैठी    जुन्हाई ।

           

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company