Responsive Ad Slot

देश

national

भगत सिंह का बलिदान - दीपिका मावर

Saturday, January 16, 2021

/ by Dr Pradeep Dwivedi
दीपिका मावर
मंदसौर (म. प्र)


हँसते-हँसते चढ़ गए फाँसी पर, अपने साथियों संग ऐसे वो क्रांतिकारी थे,

मेरा रंग दे बसंती चोला गीत वो  ऐसा गाते थे,

सच के खिलाफ जिन्होंने अपनी आवाज उठाई थी,

भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराने की कसम उन्होंने खाई थी,

स्वतन्त्रता संग्राम के कारण दो वर्षों से ज्यादा,

जेल में रहकर अपनी आवाज उन्होंने उठाई थी,

जब मिली उन्हें उनके साथियों के साथ फाँसी की सजा,

उन्होंने याचिका भी तब लगाई पर नहीं उस पर कोई सुनवाई थी,

सेनानी थे वो उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर,

इंकलाब जिन्दाबाद की आवाज उठाई थी,

आज फिर वीरों ने आपके पद्चिन्हों पर चलने की कसमें खाई है,

कुर्बानी आपकी खाली नही जाएगी ये बात वीरों ने दोहराई है ।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company