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सर्दियों की ये डिशेज जो मुंह में ले आती हैं पानी

Monday, January 11, 2021

/ by Editor

सर्दी के मौसम की खास‍ियत ही यही है क‍ि इस दौरान हमें कुछ ऐसी चीजें खाने को म‍िलती हैं, ज‍िनका साल के दूसरे मौसम में म‍िलना काफी मुश्क‍िल होता है। साथ ही इनके दाम भी दूसरे महीनों के मुकाबले काफी कम होते हैं। इसल‍िए हम अपने जीभ का स्वाद बढ़ाने के ल‍िए इस मौके का भरपूर फायदा उठाने से नहीं चूकते। लेक‍िन क्या आप जानते हैं क‍ि इन खास और लजीज डिशेज में सेहत का खजाना भी छिपा होता हैं। तो आइए जानते हैं सर्दियों के मौसम में खाए जाने वाले इन जायकेदार और स्पेशल डिशेज से मिलनेवाले हेल्थ बेनेफिट्स के बारे में।

सरसों का साग

सरसों साग में मौजूद विटामिन्स, मिनिरल्स, फाइबर और प्रोटीन इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं। 100 ग्राम सरसों साग में 27 कैलोरी, केवल 0।4 ग्राम फैट्स, 358 मिली ग्राम पोटैशियम, 4।7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 3।2 ग्राम फाइबर, 1।3 ग्राम शुगर, विटामिन ए, सी, डी, बी 12, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर को डीटॉक्सिफाई करने के साथ इम्यूनिटी भी बढाते हैं। इसके सेवन से ब्लैडर, पेट, ब्रेस्ट, फेफड़े, प्रोस्टेट और ओवरी के कैंसर से बचाव में मदद मिलती है। सरसों के साग में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होने से मेटाबॉलिज्म और वजन कंट्रोल में रहता है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल लेवल घटता है और फोलेट ज्यादा बनता है। इससे कार्डियोवास्कुलर रोगों की आशंका घटती है।


गाजर का हलवा

सर्दियों में बाजार में गाजर की अच्छी आवक होती है और इससे बनने वाली सबसे खास ड‍िश है गाजर का हलवा। इसमें मुख्य रूप से मौजूद बीटा-कैरोटीन मेटाबोलिज्म को कंट्रोल कर सेल्स को बेहतर बनाता है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर डायजेशन को ठीक रखने में मदद करता है। कैरोटीनॉयड और एंटीआक्सीडेंट शक्तियों से भरपूर होने के कारण गाजर का हलवा इम्यूनिटी बूस्टर होता है। विटामिन से भरपूर गाजर का हलवा हमारी आंखों के लिए काफी अच्छा होता है।

मूंग दाल का हलवा
मूंग की दाल को हैल्दी डाइट में शाम‍िल करने की सलाह दी जाती है। ये डायजेशन को दुरुस्त करती है और पेट में ठंडक पैदा करती है। सर्दियों में मूंग दाल का हलवा काफी फायदेमंद होता है। मूंग की दाल में आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और फॉस्फोरस होता है। इसे खाने से मसल्स मजबूत होते हैं, एनर्जी मिलती है, इम्यूनिटी बढ़ती है और एनीमिया समेत कई बीमारियों से बचाव होता है।

मूली के पत्तों की भाजी
मूली के पत्ते विटामिन ए, बी, सी के अलावा क्लोरीन, फॉस्फोरस, सोडियम, आयरन, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये पेट के लिए फायदेमंद होने के अलावा यूर‍िनरी ड‍िस्ऑर्डर्स में भी बेहद फायदेमंद होते हैं। इसमें मौजूद एंथेकाइनिन दिल के लिए फायदेमंद होता है। मूली के पत्तों के सेवन से इम्यून‍िटी बढ़ती है और थकान महसूस नहीं होती। फाइबर से भरपूर होने के कारण यह कब्ज से राहत देता है, बालों का झड़ना कम करता है। पाइल्स के रोगियों के लिए मूली और इसके पत्तों की सब्जी खाना बेहद फायदेमंद होता है।

तिल के लड्डू, गजक और चिक्की
तिल में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, कॉपर, फाइबर, बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स और कार्बोहाइट्रेड जैसे पौष्टिक तत्‍व पाए जाते हैं। बलगम और साइनस की समस्‍या को दूर करना है तो तिल के लड्डू खाएं। यह शरीर को गर्माहट देता है। तिल तनाव दूर करने, हाई ब्‍लड प्रेशर को रोकने और लीवर की फंक्शन‍िंग को बेहतर करता है। तिल के लड्डू, गजक और चिक्की से शरीर को एंटीऑक्‍सीडेंट मिलता है। इसमें पाया जाने वाला विटामिन-ई और विटामिन-बी स्क‍िन को जवां और चमकदार बनाता है।

बथुए का साग
सर्दियों में बथुए का सेवन काफी लाभदायक माना जाता है। बथुए में विटामिन और खनिज तत्वों की मात्रा आंवला से भी ज्यादा होती है। इसमें आयरन, फॉस्फोरस और विटामिन-ए और डी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। डायजेशन को बेहतर बनाने में, भूख बढ़ाने के लिए और खट्टी डकार की समस्या दूर करने में बथुआ खाना फायदेमंद है। बथुए को उबालकर इसका रस पीने और सब्जी बनाकर खाने से स्किन की बीमार‍ियां जैसे- सफेद दाग, फोड़े-फुंसी, खुजली में भी आराम मिलता है। लकवा, गैस की समस्या होने पर बथुआ काफी फायदेमंद है।

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