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लखनऊ: 35.16 एकड़ में बनेगा पुलिस साइंस एवं फोरेंसिक विश्वविद्यालय

Wednesday, January 27, 2021

/ by Editor

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब पुलिस साइंस एवं फोरेंसिक विश्वविद्यालय खुलने जा रहा है। इसके लिए शासन की ओर से 213 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। राजधानी के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपरसंड गांव में विश्वविद्यालय के लिए 35.16 एकड़ भूमि चिह्नित की जा चुकी है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना में तकनीकी सहयोग के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित फोरेंसिक यूनिवर्सिटी के अलावा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ से एमओयू भी प्रस्तावित किया गया है।

विश्वविद्यालय के 10 विभागों के लिए प्रस्तावित किए गए 496 पद
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि भौतिकी, प्रलेख, आग्नेयास्त्र, रसायन, विष, जीव विज्ञान, डीएनए, साइबर क्राइम, व्यवहार एवं विधि विभाग मिलाकर कुल 10 विभाग वाले इस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 14 व असिस्टेंट प्रोफेसर के 42 पदों सहित कुल 496 पद प्रस्तावित किए गए हैं। प्रशिक्षित जनशक्ति को तैयार करने के लिए प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक सांइस की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इससे प्राप्त होने वाली जनशक्ति की बदौलत अपराधियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अधिकाधिक सजा दिलाने में एक बड़े स्तर तक सफलता मिल सकेगी।

देश के सभी राज्यों के साथ विदेशी छात्र भी विश्वविद्यालय में ले सकेंगे दाखिला
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के मुताबिक, साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में फोरेंसिक लैब तथा साइबर थाने की स्थापना की जा रही है। साइबर अपराधों की विवेचना एवं अभियोजन के लिए अपने पुलिस तंत्र एवं अभियोजकों को साइबर अपराध के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में यूपी के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों के छात्र तो पढ़ ही सकेंगे। इसके साथ ही पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, भूटान, मालद्वीव व श्रीलंका आदि के छात्र भी विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर यहां की शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे।

विश्वविद्यालय के निकट पुलिसकर्मियों के लिए होंगी आवासीय सुविधाएं
अवस्थी ने बताया कि कार्यस्थल के निकट पुलिसकर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयास तेजी से हो रहे हैं। पुलिस विभाग के लिए बेहतर आवासीय और अनावासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल की यदि बात करें तो इसमें पुलिस विभाग के लिए 243 आवासीय एवं अनावासीय निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें संबंधित इकाई को हस्तगत किया जा चुका है, जिस पर 1101 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की गई है।

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