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कौशल के अभाव ने भारत में बेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न- डॉ पी के सूर्या

 हरिकेश यादव -संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

अमेठी।

० अनुसंधान पर कम व्यय जिससे बिकास को गति नहीं मिलीं - प्रोफेसर  विश्वम्भर झा 

o भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए नवाचार और उद्यमशीलता पर राष्ट्रीय गोष्ठी 

रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अमेठी में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नईं दिल्ली द्वारा  प्रायोजित  डिजिटलीकरण प्रतिस्पर्धा के युग में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए नवाचार और उद्यमशीलता की रूपरेखा विषय पर वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित  दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ राजर्षि सभागार में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर विश्वम्भर झा ने कहा कि भारत में अनुसंधान पर कम व्यय हो रहा है ,जिससे विकास को गति नहीं मिल रहा है। भ्रष्टाचार से डिजिटल भारत की संकल्पना को साकार रूप नहीं मिल रहा है । मुख्य वक्ता नईं दिल्ली के डाॅ पी के सुर्या ने कहा कौशल के अभाव ने भारत में बेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न की है।हमारी शिक्षण पद्धति को कौशल विकास के साथ ही जाॅब क्रिएटिव बनाने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि डाॅ अजय प्रकाश ने कहा कि भारतीय शिक्षा का वर्तमान माॅडल बदलते समय की हमारी आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहा है । स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ त्रिवेणी सिंह ने कहा कि बदलते युग में हर व्यक्ति को डिजिटल होना होगा तभी वह समायोजन स्थापित कर पायेगा । सभी के प्रति आभार आयोजन सचिव डाॅ पवन कुमार पांडेय ने  व्यक्त किया ।संगोष्ठी के प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डाॅ बी के झा ने एंव द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डाॅ पी के सूर्या ने किया । संगोष्ठी का संचालन डाॅ केशरी शुक्ला एंव  साक्षी ने किया ।कार्यक्रम में डाॅ बी के झा, डाॅ चन्दारानी,डाॅ धनन्जय सिंह,डाॅ आशा गुप्ता,डाॅ मनीषा सिंह,डाॅ सुधीर सिंह,डाॅ नन्दन सिंह,डाॅ रामसुन्दर यादव,डाॅ सुभाष सिंह,डाॅ कयूम खान,डाॅ अतिकुर रहमान, डाॅ राधेश्याम प्रसाद, डाॅ विजय कुमार सिंह डाॅ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह आदि शिक्षक एंव शोधरत  छात्रों ने सहभागिता किया ।







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