Responsive Ad Slot

देश

national

गीता बसरा बोलीं-मेरा दूसरा बच्चा बिल्कुल देसी होगा

Monday, April 19, 2021

/ by Dr Pradeep Dwivedi

इंडेविन न्यूज नेटवर्क

मुंबई।

एक्ट्रेस गीता बसरा का मानना है कि मातृत्व सुख से बड़ी खुशी और कहीं से नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि मैं लिखकर दे सकती हूं कि आप चाहे जितना भी पैसा और सक्सेस कमा लो, पर बच्चे से बड़ी खुशी की चीज और कुछ नहीं होती। जब आपका बच्चा हंसता है, तब आपका दिल हंसता है। दुनिया में ऐसी कोई चीज बनी नहीं है कि इस फीलिंग को किसी के साथ कंपेयर कर सको। गीता इन दिनों प्रेग्नेंट हैं और उनका सातवां महीना चल रहा है। गीता और हरभजन सिंह, दोनों चाहते हैं कि बेटी हो या बेटा, बस बच्चा हेल्दी हो। अपनी प्रेग्नेंसी पर गीता बसरा ने दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत में और भी बहुत सारी बातें शेयर की हैं।

Q. पहले तो हालचाल बताइए, इस समय कैसी हैं?
A. मेरी हालचाल बहुत अच्छी है। बहुत रिलेक्स महसूस कर रही हूं। फर्स्ट प्रेग्नेंसी से दूसरी प्रेग्नेंसी बहुत अलग है। घर पर हूं, क्योंकि माहौल ऐसा है कि कहीं जा नहीं सकती। बेटी हिनाया के टाइम पर बहुत वॉक करती थी। नाइन मंथ तक बहुत एक्टिव रही। लेकिन इस टाइम मजबूरी है कि कहीं नहीं जा पा रही हूं। हालात ऐसे हैं कि घर पर ही रहना पड़ेगा। घर पर जितना एक्सरसाइज कर सकती हूं, वो कर रही हूं। ऊपर वाले की कृपा से बाकी तो सब कुछ अच्छा ही चल रहा है। हम अपने घर पर सेफ हैं। हेल्दी खाना बनाकर खा रही हूं।

Q. एक्सरसाइज में क्या-क्या करती हैं और खान-पान में क्या खास खाती-पीती हैं?
A. खाना मेरा बहुत बोरिंग है। प्रेग्नेंसी में लोग बोलते हैं कि मुझे खट्‌टा, मीठा, नमकीन, आईस्क्रीम, चाकलेट, पिज्जा या कुछ स्पेशल खाने का मन कर रहा है, लेकिन मेरा ऐसा कुछ भी खाने का मन नहीं करता। सादा सिंपल दाल, चावल, रोटी, सब्जी, दही, फ्रूट खाने का मन करता है। लेकिन यह मेरे लिए बहुत शॉकिंग है, क्योंकि इंतजार कर रही थी कि अपने हस्बैंड को थोड़ा तंग करूंगी कि आज मुझे यह खाने का मन है, पर ऐसा हुआ नहीं। आइ थिंक, यह देसी बच्चा होगा, जो बिल्कुल रोटी, सब्जी, दाल, चावल खाने में खुश रहेगा। हां, बेटी के टाइम पर थोड़ा-सा मीठा और चॉकलेट खाने का मन करता था। लेकिन इस बार वह भी मन नहीं करता। एक्सरसाइज में योग कर रही हूं, घर पर वॉक करती हूं, क्योंकि वॉकिंग बहुत जरूरी है। बेटी के पीछे भागना एक और एक्सरसाइज हो जाता है।

Q. कोरोना काल का यह थोड़ा-सा मुश्किल दौर है, ऐसे में खुद का खास खयाल कैसे रख रही हैं?
A. थोड़ा नहीं, बहुत मुश्किल दौर है। मैं अभी जिस पोजिशन में हूं, ऐसे में घर से बाहर निकलने का रिस्क नहीं ले सकती। डॉक्टर के अपॉइंटमेंट के अलावा बाहर कहीं नहीं जाती। जिस तेजी से कोरोना बढ़ रहा है, यह कठिन सिचुएशन है। एक दिन में दो-ढाई लाख केस आ रहे हैं, यह अलग लेवल का पैंडेमिक चल रहा है। इस प्वाइंट पर रिस्क नहीं ले सकती। मैं और मेरी बेटी घर पर रहते हैं। घर में जो भी चीज आती है, पहले उसे सैनिटाइज करते हैं। अपने फ्रेंड्स से मिलने की बात तो दूर अपनी फैमिली से भी नहीं मिल पा रही हूं। लाइफ में पहली बार ऐसा हुआ है कि दो साल हो गया, अपनी फैमिली से मिलने यूके नहीं गई। वहां पर मेरे मम्मी-पापा, भाई-बहन, दादी आदि रहते हैं। लेकिन क्या करूं, ऐसे माहौल में अनसेफ ट्रैवल नहीं कर सकती। चार साल की बेटी की ऑनलाइन क्लासेस चलती हैं और मैं घर पर कुछ न कुछ करती रहती हूं।

Q. क्या नॉर्मल वक्त होता, तब मातृत्व सुख को और ज्यादा एंजॉय कर पातीं?
A. ऑफकोर्स, इस टाइम पर तो बहुत सारी चीजें कर सकती थी। स्विमिंग, वॉकिंग, टेनिस स्पोर्ट्स आदि कर सकती थी। बीच पर जाकर एंजॉय सकती थी, फ्रेंड्स से मिल सकती थी। लेकिन इस टाइम चार दीवारों के अंदर बैठी हूं। अगर माहौल अलग होता, तब इस समय लंदन में होती। मेरी बेटी भी वहीं हुई थी। मेरी मम्मी वहां पर हैं, तब इस टाइम पर लड़की को अपनी मम्मी साथ में चाहिए होती है। सोचा था कि मम्मी के पास होऊंगी, पर कई बार भगवान की मर्जी के मुताबिक चलना पड़ता है।

Q. हिनाया के समय कौन-सी एक्टिविटी करती थीं, जो इस बार मिस कर रही हैं?
A. मैं एकोनेटल क्लासेस करती थी, यह एक तरह का स्विमिंग होता है। यह प्रेग्नेंट महिला के लिए अच्छा होता है। यूके में जहां मेरा परिवार रहता है, वहां बहुत खुली जगह है। समंदर, हरे-भरे पार्क हैं। हिनाया के टाइम पर 9 महीनों तक वहां पर बहुत वॉकिंग करती थी। मैंने मीलों-मील वॉक किया है, इतना शौक था। इसके अलावा मम्मी और उनके हाथ का खाना मिस कर रही हूं।

Q. क्या मन में किसी बात का डर भी है?
A. डर तो नहीं है। पहला बच्चा जब होने वाला होता है, तब उस टाइम का डर होता है कि आप किसी और के लिए एक जिम्मेदारी आएगी। जब तक बच्चे होते नहीं हैं, तब तक इस बारे में पता नहीं होता है कि अनकंडिशनल लव क्या होता है। ब्यूटीफुल फीलिंग है। हर औरत में भगवान ने लाइफ क्रिएट करने की शक्ति दी है, इससे बड़ी कोई और चीज नहीं हो सकती। लाइफ में कोई भी चीज इससे कंपेयर नहीं की जा सकती। जब पहला बच्चा होता है, तब डर यह होता है कि क्या अच्छी मां बन पाऊंगी, बच्चे की जिम्मेदारी कैसे उठा पाऊंगी, क्योंकि उससे पहले लाइफ अपने मुताबिक जी है। जीवन में बच्चे के आने के बाद एक अलग डर होता है। जब बच्चा आता है, तब जीवन में नेचुरल चीजें आ जाती हैं। भगवान ने पता नहीं यह कैसे दिया है कि एक छोटी-सी लड़की भी होगी, तब उसमें मैटरनल दिया है। जब मेरा भाई पैदा हुआ था, तब मैं 10 साल की थी। उसे कैसे संभालना है, संभालती थी। गर्ल्स में यह इनबोर्न होता है। अब यह है कि एक और बच्ची है, उस पर भी ध्यान देना है। पहला फोकस आपकी पहली बेटी है। उनकी लाइफ में कोई इनसिक्योरिटी न हो कि एक और बच्चा आया है। चूंकि हिनाया मुझसे बहुत अटैच्ड है, सो इस बात का डर लगता है कि कहीं बेटी को ऐसा फील न हो कि मेरा प्यार बंट गया।

Q. क्या करियर, प्यार, शादी और बच्चे सब कुछ आपके प्लानिंग के मुताबिक चल रहा है?
A. देखिए, कहीं न कहीं लाइफ में प्लानिंग करना ही पड़ता है कि अभी क्या करना है। हां, पूरी तरह से तो नहीं, पर माइंड में हमेशा से रहा कि करियर, शादी, फैमिली प्लानिंग आदि एक टाइम से कंप्लीट करनी है। बच्चे को लेकर मेरे मन में हमेशा से रहा कि इस उम्र में बच्चे होने चाहिए। क्योंकि मैं जब पैदा हुई, तब मेरी मम्मी बहुत यंग 17-18 की थी। हमें देखकर हर बंदा बोलता था कि यह आपकी बहन हैं। मेरे मन में तब से था कि मुझे मदर बनने में लेट नहीं करना है। बच्चों के पीछे भागने के लिए एनर्जी रहनी चाहिए। बच्चे के लिए एक तय उम्र सही रहता है, वरना थोड़ा मुश्किल भी हो जाता है। हम प्लान करते हैं, पर कई बार प्लानिंग के साथ लाइफ नहीं चलती है। फिर तो जो भगवान की मर्जी, वह जो करें। फिलहाल प्लानिंग के मुताबिक मुझे हर चीज अच्छी लगती है। जहां तक मेरी लाइफ की प्लानिंग थी, मैंने तय किया था कि कॉलेज खत्म करके मुझे मुंबई जाना है, फिल्मों में ट्राई करना है, इस उम्र तक शादी करनी है, इस उम्र तक बच्चे चाहिए। किस्मत से मेरे साथ यह सब हुआ। लाइफ में प्लानिंग करेंगे, तब चीजें मिलेगी न।

Q. हस्बैंड हरभजन इस समय किस तरह ख्याल रखते हैं?
A. वे बहुत केयरिंग, बहुत प्रोजेक्टिव फादर और हस्बैंड हैं, ओवर सोचते हैं। कई बार मुझे बोलना पड़ता है कि ओवर मत सोचो, ठीक है, सब कुछ सही है। क्योंकि इस माहौल में उन्हें बहुत टेंशन होती है, क्योंकि पास में नहीं हैं। पास में होते, तब उनके लिए चैन की बात होती कि पास में हूं। लेकिन बायो-बबल में अपना ध्यान खूब रखते हैं। जब साथ में होते हैं, तब मुझे कुछ नहीं करने देते। बिल्कुल रिलैक्स फील करवाते हैं। मेरे खाने-पीने, सोने का ध्यान रखते हैं।

Q. कभी परिवार बढ़ने का आशीर्वाद मिलने से लेकर हम दो, हमारे दो और अब यह सोच- हम दो, पर अटक गई है? क्या कहेंगी?
A. आप लाइफ में एक बहुत ब्यूटीफुल चीज को मिस कर रहे हो। जब तक आपकी लाइफ में ऐसी चीज न आए, तब तक इसका पता भी नहीं चलेगा। जब तक हम मां-बाप नहीं बने थे, तब तक हमें वाकई पता नहीं था कि हमारे माता-पिता ने हमारे लिए कितना परिश्रम किया है। हमें कुछ अंदाजा ही नहीं होता है, क्योंकि हम खुद बच्चे होते हैं। हमें तो पता ही नहीं, जब तक हमारे खुद के बच्चे न हों। आपने उसे खुद बनाया है, वह आपका हिस्सा हैं। उसके अंदर आपका व्यक्तित्व है। यह ब्यूटीफुल प्रोसेस है।

Q. महिलाओं को प्रेग्नेंसी पर क्या टिप्स देना चाहेंगी?
A. हिनाया के टाइम पर सोशल मीडिया के जरिए लोग मुझसे बहुत सवाल पूछते थे कि कैसे ख्याल रखती हो, क्या खाना चाहिए, फिट रखने के लिए क्या करना चाहिए, लेकिन मैंने उस टाइम इतनी बात नहीं की। लेकिन अब मुझे लगता है कि इस बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी है। मैं अपने सोशल साइट पर योग, डायट प्लान आदि के बारे में वीडियो बनाकर शेयर करूंगी। जितनी नॉलेज है, उसे बांटने की कोशिश करूंगी। पहले की अपेक्षा आज हम लड़कियां घर पर इतना फिजिकल काम नहीं करती हैं, इसलिए बॉडी को फिट रखने के लिए हमें फिजिकल तरीका ढूंढ़ना पड़ेगा। नॉर्मल डिलवरी करनी है, तब क्या हेल्प करेगा, कैसे एक्सरसाइज, योग, ब्रीदिंग आदि करना चाहिए। यह नॉलेज बांटना बहुत जरूरी है। प्रेग्नेंसी के बाद कैसे ध्यान रखना है, यह बहुत जरूरी है। नॉर्मल डिलिवरी के लिए कीगल एक्सरसाइज करना जरूरी होता है। हां, यह सब जब तक नहीं करना चाहिए, जब तक आपका डॉक्टर हां न बोल दे। मेरे वीडियोज बहुत रिलैक्स करने वाले होंगे।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company