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केंद्र सरकार को 99,122 करोड़ रुपए देगा RBI, बोर्ड की बैठक में लिया गया फैसला

Friday, May 21, 2021

/ by Editor

 


रिजर्व बैंक ने फैसला किया है कि वह केंद्र सरकार को अपने सरप्लस 99,122 करोड़ रुपए की रकम ट्रांसफर करेगा। यह फंड मार्च 2021 तक खत्म 9 महीनों में RBI की जरूरतों से अलग है। RBI ने फंड ट्रांसफर करने का यह फैसला रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 589वीं बैठक में ली गई है। RBI के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की यह बैठक गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।

बोर्ड ने यह तय किया है कि रिजर्व बैंक में आपातकालीन जोखिम बफर 5.50% फीसदी तक बनाए रखा जाएगा। जालान समिति की सिफारिश के मुताबिक रिजर्व बैंक के बहीखाते का 5.5 से 6.5 फीसदी हिस्सा आपातकालीन निधि के रूप में रखा जाना चाहिए।

रिजर्व बैंक ने एक बयान में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, 'रिजर्व बैंक के लेखा वर्ष को बदलकर अप्रैल से मार्च कर दिया गया है पहले यह जुलाई से जून था। इसलिए बोर्ड ने जुलाई से मार्च 2021 के नौ महीने के संक्रमण अवधि के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के कामकाज पर चर्चा की। बोर्ड ने इस संक्रमण के दौरान रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और एकाउंट्स को मंजूरी दी है। बोर्ड ने केंद्र सरकार को 99,122 करोड़ रुपए का ट्रांसफर करने को भी मंजूरी दी है।' 

बैठक में डिप्टी गवर्नर महेश कुमार जैन, माइकल देवव्रत पात्रा, एम राजेश्वर राव और टी रवि शंकर शामिल हुए। केंद्रीय बोर्ड के अन्य निदेशक एन चंद्रशेखरन, सतीश के मराठे, एस गुरुमूर्ति, रेवती अय्यर और सचिन चतुर्वेदी भी बैठक में शामिल हुए। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव देवाशीष पांडा और आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव अजय सेठ ने भी बैठक में भाग लिया। 

क्या होता है सरप्लस फंड 

रिजर्व बैंक साल के दौरान जो आमदनी करता है, पूरे खर्च आदि निकालने के बाद जो रकम बचती है वह उसका सरप्लस फंड होता है। यह एक तरह से मुनाफा होता है। अब रिजर्व बैंक की असल मालिक सरकार होती है, इसलिए नियम के मुताबिक रिजर्व बैंक सरकार को इस मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा देता है और एक हिस्सा जोखिम प्रबंधन के तहत अपने पास रखता है। 

साल 2019 में दिए थे 1.76 लाख करोड़ 

गौरतलब है कि इसके पहले रिजर्व बैंक ने साल 2019 में मोदी सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपए रकम ट्रांसफर किया था। तब रिजर्व बैंक के इस फैसले की विपक्ष ने काफी आलोचना की थी। बिमल जालान समिति की सिफारिशों के अनुरूप यह रकम ट्रांसफर किया गया था।

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