Responsive Ad Slot

देश

national

बेसिक शिक्षा मंत्री के भाई की गरीब कोटे में नियुक्ति बना चर्चा का विषय, उठ रहे सवाल

Sunday, May 23, 2021

/ by Dr Pradeep Dwivedi

संवाददाता

इंडेविन न्यूज नेटवर्क

लखनऊ।

बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ.सतीश द्विवेदी के भाई अरुण द्विवेदी की सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उनका चयन ईडब्लयूएस (आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य अभ्यर्थी) कोटे में मनोविज्ञान विभाग में हुआ है। मंत्री जिले की ही इटवा सीट से विधायक हैं।

असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन के बाद शुक्रवार को ही मंत्री के भाई ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में ज्वाइन किया है। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने लगे।

हालांकि कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे का कहना है कि मनोविज्ञान में करीब डेढ़ सौ आवेदन आए थे। मेरिट के आधार पर 10 आवेदकों का चयन किया गया। इसमें अरुण कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद भी थे। इन्हीं 10 का इंटरव्यू हुआ तो अरुण दूसरे स्थान पर रहे। इंटरव्यू, एकेडमिक व अन्य अंकों को जोड़ने पर अरुण पहले स्थान पर आ गए। इस वजह से इनका चयन हुआ है। ईडब्ल्यूएस का प्रमाणपत्र प्रशासन जारी करता है। शैक्षिक प्रमाणपत्र सही था। इंटरव्यू की वीडियो रिकार्डिंग उपलब्ध है। सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे भी इसकी जानकारी हुई है कि वह मंत्री के भाई हैं। अगर ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र फर्जी होगा तो दंड के भागी होंगे। उधर, मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उठ रहे ये सवाल

गौरतलब है की सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर की 2 पद खाली था. जिसमें से एक पद ओबीसी कैटेगरी में था तथा दूसरा पद आर्थिक रुप से गरीब सामान्य वर्ग के लिए था. जिनमें से आर्थिक रुप से गरीब एवं सामान्य वर्ग के अंतर्गत चयन डॉ अरुण द्विवेदी का हुआ है और उन्हें गृह जनपद भी दिया गया है. लोगों के मन एक सवाल बना हुआ है कि मंत्री के भाई गरीब कैसे हो सकते हैं?

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Infotech-Leading IT Company