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अस्पताल बनीं चौदह साल पहले लेकिन कोरोना में नहीं खुले ताले

 

फोटो-उपेक्षा का शिकार सीएचसी भेंटुवा

o सीएससी भेटुआ (लौकापुर) से रोगी को दवाओं का इंतजार 

o निर्माण कार्य अधूरा, सरकार आयीं और चली गई खेल 

हरिकेश यादव-संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

भेटुआ /अमेठी। 

स्वास्थ्य सुविधाओं को करारा झटका लगा। और लोगों को राहत पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग अभी भी उदासीन है। जब सरकार ने स्वास्थ्य के लिए 108, व 102 मोबाइल बैन की सेवा दी है। आपातकालीन चिकित्सा का लाभ मिल रहा है। लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेटुआ (लौकापुर) से मिल पाती। लेकिन चौदह वर्ष से निर्माण कार्य अधूरा है। बसपा, सपा की सरकार आयीं  और चली गई। 

भाजपा की सरकार जब प्रदेश में बनीं तो तत्कालीन जिलाधिकारी अमेठी योगेश कुमार ने कार्य दायीं संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमेठी डा राजेश मोहन श्रीवास्तव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेटुआ को संचालित करवाने के लिए कमान संभाली। गांव के अरूण कुमार, तत्कालीन प्रधान स्वामी प्रसाद पाठक, शिव कुमार, हरीश कुमार पाठक, बिश्व नाथ मिश्र से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ श्रीवास्तव ने शीघ्र शुरू करने की बात कही। लेकिन प्रशासन आज तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू नहीं हो पाया। जबकि कोरोना वायरस महामारी के संकमण काल में अस्पताल की अति आवश्यक है। लेकिन सरकार की उपेक्षा की शिकार जनता हो रही है। जबकि आठ महीने सरकार और सूबे में रहेगी। 

भाजपा विधायक के प्रतिनिधि ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेटुआ को चालू करने के लिए किसी ने  फरियाद नहीं की। सूचना मिली है।अब शासन और सरकार तक बात जनता की पहुंचाएंगे। समस्या शीघ्र दूर होगी।

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