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व्यापारी उड़ा रहे लॉक डाऊन की धज्जियां

 


हरिकेश यादव-संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

अमेठी। 

कोविड - 19 का संक्रमण चल रहा हैं। ऐसे में सरकार ने लाक डाउन लगाकर बन्दी का फरमान जारी किया गया है। रात में कर्फ्यू लगा दिया है। सुबह प्रातः सात बजे से ग्यारह बजे तक कुछ आवश्यक सामग्री के लिए छूट दी गई है। इसके बाद साम्रगी की खरीद चोरी चुपके की जा रही हैं। रेट भी बढा दिया गया। 

चीनी, गुटखा, तम्बाकू, सरसों का तेल, गुड, दाल, सब्जी, फल के दाम में बढ़ोतरी कर बेची जा रही है। 

जहां दुकान बन्द होने से बेरोजगारी बढी है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई हैं। जबकि उद्योग धन्धे के मालिक सरकार की सिफारिश और रिश्वत देकर संस्थान चला रहे हैं। ऐसे ही लोगो के हाथ में उद्योग ब्यापार मंडल की कमान हैं। उद्योग जगत एवं फैक्ट्ररी में मजदूरों की जमात का जमावड़ा लगेगा अमेठी जिले में कोरोना वायरस महामारी का संक्रमण बढ रहा है। लेकिन प्रशासन और शासन चुप्पी साध रखी है। उद्योग धन्धो से मोटी रकम वसूली गयी है। जिससे उद्योगों को लाक डाउन में खोलने की इजाजत प्रशासन ने दे रखी है। जबकि उद्योग ब्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के दुकान और संस्थान में ताले लटक रहे हैं। पदाधिकारियों ने ऐसे उद्योगों पर बन्दी करने और दोषी अधिकारियों के साथ कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग उठाई है। 

पुलिस के 112 नं मोबाइल बैन ने दुकान के खुले होने पर किराया और परचून की दुकान से पूरे गनेश लाल और हथकिला चौराहे के बीच में पांच - पांच सौ रुपये की अबैध वसूली कर दुकानदारों को छोड दिया गया। जो चर्चा जोरों पर हैं। 

उप श्रमायुक्त अमेठी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि शिकायत नहीं मिली है। इस नाते उद्योग धंधे खुले हैं। शिकायत मिलेगी तो कार्यवाही होगी। 

गौरतलब है कि अमेठी जिले में उद्योग धन्धो के आगे श्रम बिभाग और जिला प्रशासन ने घुटने टेक दिये हैं। लाक डाउन में पुलिस ने उद्योग धन्धो के बन्दी करवाने में पूरी तरह से बिफल है। सत्तारूढ़ पार्टी की आड़ में कानून की धज्जियाँ उडाई जा रही है। सांसद, बिधायक भी चुप्पी साध रखी है। जनादेश का दुरुपयोग किया जा रहा है। जनता कानून के खिलवाड़ पर रोष जता रही हैं। पुलिस की संलिप्तता साफ उजागर हो रहा है।

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