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बच्चों को सुपोषित बनाने हेतु दो अक्टूबर तक चलेगा ‘संभव’ अभियान

Saturday, July 3, 2021

/ by Dr Pradeep Dwivedi

हरिकेश यादव

इंडेविन न्यूज नेटवर्क

अमेठी। 

बच्चों को सुपोषित बनाने के उद्देश्य से एक जुलाई से दो अक्टूबर तक विशेष अभियान संभव (SAM BHAV)- पोषण संवर्धन की ओर एक कदम चलाया जाएगा। कार्यक्रम की हर माह की थीम अलग –अलग है। जुलाई की मातृ पोषण , अगस्त की शिशु पोषण और सितम्बर की जीवन के पहले हजार दिन थीम तय की गयी है। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) विनय सिंह ने दी। उन्होंने बताया- अतिकुपोषण (सैम) और मध्यम कुपोषण (मैम) का मुख्य कारण माँ का कुपोषित होना, जन्म के समय शिशु का वजन कम होना, जागरूकता की कमी के कारण पोषण युक्त भोजन का अभाव, बच्चे को स्तनपान न कराना, समय से ऊपरी आहार न शुरू करना या कम मात्रा में ऊपरी आहार देना तथा स्वच्छता की कमी हो सकता है। इसके साथ ही दस्त, निमोनिया या टीबी के कारण भी बच्चे सैम या मैम हो सकते हैं। 

डीपीओ ने बताया कि  अगर गर्भवती के स्वास्थ्य व पोषण का ध्यान रखा जाए तो आने वाला बच्चा स्वस्थ होगा। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए जुलाई माह की थीम मातृ पोषण रखी गयी है। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर गर्भवती व धात्री महिला को उनके स्वस्थ्य व पोषण के प्रति जागरूक करेंगी। एक से 10 जुलाई के मध्य प्रथम त्रैमासिक वाली गर्भवती को शीघ्र पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उनका वजन और लम्बाई नापी जाएगी ताकि उनके पोषण का स्तर जाना जा सके। 12 से 17 जुलाई के बीच द्वितीय त्रैमासिक वाली गर्भवती का वजन व स्वास्थ्य जांच के साथ ही आयरन व कैल्शियम तथा पौष्टिक आहार के सेवन की सलाह दी जाएगी और इसके महत्व के बारे में बताया जायेगा। 

19 से 24 जुलाई के बीच तृतीय त्रैमासिक वाली गर्भवती को आयरन व कैल्शियम के सेवन की सलाह के साथ ही प्रसव से पहले उन्हें क्या तैयारियां करनी हैं, के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही उनका वजन लिया जायेगा और स्वास्थ्य जांच होगी। गर्भवती को शीघ्र स्तनपान और केवल स्तनपान कराने व् इसके महत्व के बारे में सलाह दी जाएगी। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया- 26 से 31 जुलाई तक नवजात स्वास्थ्य के बारे में अभिभावकों को जागरूक किया जायेगा। नवजात शिशुओं को छह माह तक केवल स्तनपान कराने व पानी न देने की सलाह दी जाएगी। नवजात का वजन लिया जाएगा। महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती व धात्री महिला को पोषण तश्तरी और पोषण रंगोली के माध्यम से संतुलित आहार व पौष्टिक भोजन के बारे में जानकारी देंगी।

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