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आनंद कृष्ण मिश्रा को राज्यमंत्री वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने किया सम्मानित

Friday, July 30, 2021

/ by Dr Pradeep Dwivedi

इंडेविन न्यूज नेटवर्क

लखनऊ। 

मेधावी  छात्र सम्मान से किया अलंकृत

लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र के श्रीनगर , समर विहार कालोनी, मानक नगर में बाल चौपाल संस्था के संरक्षक और उ०प्र० पुलिस में उपनिरीक्षक अनूप मिश्रा "अपूर्व" एवं पुलिस उप निरीक्षक रीना पाण्डेय मिश्रा के सुपुत्र आनन्द कृष्ण मिश्रा को वीरेन्द्र कुमार तिवारी चेयरमैन ( राज्य मंत्री स्तर) उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ (यू पी सी एल डी एफ ) ने उनके आवास पर आज जा कर आनंद कृष्ण मिश्रा को उच्च शिक्षा के लिये अमेरिका की कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी द्वारा स्कॉलरशिप के साथ बैचलर ऑफ साइंस इन कंप्यूटर साइंस ( बी एस )स्टडी कोर्स में चयन किये जाने के साथ -साथ इंटरमीडिएट परीक्षा में 98.25 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होने पर मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया । राज्य मंत्री वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने आनंद को आशीर्वाद देते हुए कहा वह अत्यंत होनहार , प्रतिभावान  बच्चा है जो आगे चलकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा के जरिये विश्वपटल पर अपने परिवार और देश प्रदेश का गौरव बढ़ायेगा । 

गरीब बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने वाले छोटे मास्टर जी के नाम से मशहूर एवम पढ़ाई में अव्वल रहने वाले प्रतिभावान आनन्द कृष्ण मिश्रा को उच्च शिक्षा हेतु अमेरिका की कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप के साथ चयन होने पर वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने भाजपा पार्षद श्रवण नायक (एडवोकेट ) एवं अरविन्द मिश्रा (एडवोकेट ), राजीव पाण्डेय राजेश के साथ आज उनके घर जाकर  स्नेहिल आशीर्वाद एवं उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनायें प्रदान कीं ।

गरीब बच्चों में शिक्षा के जरिये बदलाव ला रहे आनंद ने विदेश की 24 प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में चयनित होकर बनाया कीर्तिमान है और

आनंद कृष्ण मिश्रा को एक करोड़ 20 लाख एक हजार अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति मिली है । राजधानी लखनऊ  में कानपुर रोड स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के बहुमुखी प्रतिभा के धनी और मेधावी छात्र आनंद कृष्ण मिश्रा को अमेरिका की प्रतिष्ठित टेक्सास क्रिशिचयन यूनिवर्सिटी में एक लाख 97 हजार अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति ( स्कॉलरशिप ) के साथ चयनित किया गयाहै और इसके साथ ही 4 अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटी ने एक लाख 32 हजार , एक लाख 20 हजार , एक लाख 6 हजार , एक लाख की स्कॉलरशिप देकर आनंद 

का चयन किया है । आनंद को विदेश की कई प्रमुख यूनिवर्सिटी से कुल 1 करोड़ 20 लाख 1 हजार अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति ( स्कॉलरशिप ) प्रदान की गई है ।  यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन , एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ टेरेंटो , यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया , ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ एरीजोना , यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा सहित विदेश के 24 अन्य प्रतिष्ठित विश्व विद्यालय में आनंद कृष्ण मिश्रा ने चयनित होकर कीर्तिमान बनाया है। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के संस्थापक डॉ. जगदीश गाँधी , भारती गाँधी एवम कानपुर रोड की सीनियर प्रिंसिपल डॉ. विनीता कामरान ने आनंद को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है । उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य  मंत्री एवं यू पी सी एल डी एफ के चेयरमैन वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने आनंद को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आगे चलकर आनंद अपनी बहुमुखी प्रतिभा के बल पर अपने माता - पिता के साथ ही विश्वपटल पर भारत का मान सम्मान व गौरव बढायेगा । आनंद के पिता अनूप मिश्रा अपूर्व और माँ रीना पाण्डेय उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर राजधानी लखनऊ में कार्यरत्त हैं । आनंद ने गणित , साइंस , अंग्रेजी सहित कई विषयों के ओलंपियाड में 12 गोल्ड , 1 सिल्वर , 6 ब्रॉन्ज मैडल प्राप्त किया है । राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक प्रतियोगिताओं में भी आनंद ने अपनी कामयाबी का परचम लहराया है , इंटरनेशनल यूथ मथेमैटीसियन कन्वेंशन 2018 में ब्रॉन्ज मैडल , मेथाबोला इवेंट में गोल्ड मैडल , इंडिया इनोवेशन लीग द्वारा आयोजित डिजान स्प्रिंट चैलेंज में विनर , इसकोलास्टिका इंटरनेशनल मैथेमैटिक्स सबमिट में द्वितीय पुरुस्कार ( सिल्वर मेडल) प्राप्त किया है । कोरोना संकट काल में आनंद ने देश विदेश की कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन प्रोफेशनल कोर्स करके 100 से अधिक प्रमाण पत्र व मैडल हासिल किये हैं । 

पढ़ाई में अव्वल रहने वाले 

आनंद कृष्ण मिश्रा का सपना है कि देश में कोई भी बच्चा निरक्षर न रहे , इसलिए उसने बचपन से ही पढ़ाई लिखाई  से वंचित हो रहे बच्चों के बीच शिक्षा की अलख जगाने का बीड़ा उठाया और बाल चौपाल परिवार की नींव रखी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के करीब 180 से अधिक गांवों के न जाने कितने बच्चे आज इस ‘ छोटे मास्टर जी आनंद ’ और  ‘ बाल चौपाल ’ के सतत प्रयासों के कारण शिक्षित होने में कामयाब हो रहे हैं। आनंद ने वर्ष 2012 में झुग्गियों में रहकर जीवन व्यतीत करने वाले कमजोर वर्ग के बच्चों को साक्षर बनाने के लिये प्रयास शुरू किया जिसने कुछ समय बाद " बाल चौपाल " का व्यापक रूप ले लिया। आनंद प्रतिदिन अपनी व्यस्त दिनचर्या में से एक घंटा निकालते और सूरज ढ़लते ही छोटे मास्टर जी के रूप में अपनी हमउम्र बच्चों को बाल चौपाल में  अंग्रेजी , हिंदी , गणित, कंप्यूटर और सामान्य ज्ञान का पाठ पढ़ाते । पिछले 10 वर्षों में आनंद अपनी बाल चौपाल पेप टॉक के माध्यम से करीब 50000 से अधिक कमज़ोर वर्ग के बच्चों को स्कूल जाने के लिये प्रेरित कर चुके हैं , साथ ही बाल चौपाल के प्रयास से 858 बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया है । अपनी इस बाल चौपाल में आनंद बच्चों को पढ़ाने के अलावा उनकी मनोदशा और माहौल के बारे में भी जानने का प्रयास करते हैं  । आनंद के माता - पिता बताते हैं  , ‘‘ प्रारंभ में आनंद ने बातचीत करके अभावग्रस्त बच्चों को पढ़ने के लिये तैयार किया , धीरे-धीरे समय के साथ इनसे पढ़ने वाले बच्चों को मजा आने लगा और वे अपने दोस्तों को भी आनंद के पास पढ़ने के लिये लाने लगे। इस प्रकार ‘बाल चौपाल’ की नींव पड़ी।’’

आनंद को अपनी इस बाल चौपाल के लिये भूटान के पूर्व शिक्षा मंत्री ठाकुर एस0 पोड़ियाल द्वारा वर्ष 2019 में एल0एम0ए0 अवॉर्ड , उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय हरीश रावत द्वारा वर्ष 2015 में यूथ आइकॉन अवार्ड से सम्मानित किया गया । इंटरनेशनल यूथ फेस्टीवल 2015 में बाल चौपाल सरोकार के लिये गोल्ड मैडल और आइकॉन अवार्ड से सम्मानित किया गया । इंटरनेशनल चिल्ड्रेन पीस अवॉर्ड के लिये 3 बार भारत से नामित किया गया है । अब तक आनंद को  चेंजमेकर , सोशल ब्रेवरी , सत्यपथ बाल रत्न ,सेवा रत्न , ग्रीन कॉम्बेट के अलावा सैकड़ों अन्य पुरस्कार भी मिल चुके हैं। आनंद के विचार में जो बच्चा पढ़ता ना हो स्कूल ना जाता हो यदि उनके प्रयास से वह पढ़ने लगे स्कूल जाने लगे तो इससे बड़ा कोई सम्मान नहीं ।

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