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लखनऊ: पीजीआई में पीपीपी मॉडल पर होगा MRI और सीटी स्कैन

लखनऊ

लखनऊ के पीजीआई में अब मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की लंबी वेटिंग से राहत मिल सकेगी। संस्थान में अब पीपीपी मॉडल पर एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा शुरू होने जा रही है। साथ ही क्रिटिकल केयर में बेड और डॉक्टरों को बढ़ाने के लिए कई डीएम और पीडीसीसी कोर्स में सीटों का इजाफा किया गया है।

इससे डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। शुक्रवार को पीजीआई की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में इन सभी फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, संस्थान के निदेशक डॉ. आर के धीमन समेत अन्य सदस्य इसमें शामिल रहे।

पीजीआई में जांच के लिए पीपीपी मॉडल लागू करने पर यहां के कर्मचारी विरोध कर रहे थे। हाल में संस्थान के निदेशक को इस संबंध में पत्र भी लिखा था। इसके बाद भी पीजीआई ने पीपीपी मॉडल पर मुहर लगा दी गई है। इसका कारण है कि पीजीआई में तीन सीटी स्कैन मशीन हैं। इनसे रोजाना 80 से 120 सीटी स्कैन होते हैं। वहीं, एमआरआई की एक मशीन है।

इससे एक दिन में 40 जांचें हो रही हैं, जबकि मरीज इससे कहीं ज्यादा आते हैं। इस कारण जांच के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। कर्मचारी लंबे समय से मशीन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में वेटिंग कम करने के लिए पीपीपी मॉडल का सहारा लिया जा रहा है। इसमें थर्ड पार्टी यहां मशीन लगाकर मरीजों की जांच करेगी। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। केजीएमयू में पहले से ही इस मॉडल पर जांच की जा रही है।

इन विभागों में बढ़ेंगे डॉक्टर
बैठक में कई विभागों में पाठ्यक्रमों की सीटों में बढ़ोतरी की गई है। इससे यहां रेजिडेंट डॉक्टर बढ़ेंगे। डिपार्टमेंट ऑफ क्लिनिकल इम्यूनॉलजी में डीएम की चार सीटें, पीडियाट्रिक में पीडीसीसी की एक सीट, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में 6 सीट, इन्डोक्राइन सर्जरी में तीन और नेफ्रॉलजी में तीन रेजिडेंट डॉक्टरों के पद बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजीडेन्ट के पदों में वृद्धि को मंजूरी मिली।

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