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काशी में बने अहिल्याबाई का मंदिर, नहीं तो होगा आंदोलन- गड़ेरिया समाज

Thursday, December 16, 2021

/ by इंडेविन टाइम्स

रजत पाल (सह-संपादक- इंडेविन टाइम्स)

लखनऊ/वाराणसी। 

गत सोमवार प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने के लिए वाराणसी पहुंचे, इस दौरान अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति की अनदेखी को लेकर गड़ेरिया समाज में असंतोष व्याप्त है। गड़ेरिया समाज का कहना है कि 'प्रधानमंत्री के द्वारा काशी कॉरिडोर में अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति का अनावरण किया गया लेकिन उनकी मूर्ति को बाहर भगवान विश्वनाथ के द्वार पर गलियारे के भीतर एक चौकीदार के रूप में स्थापित करवा दिया गया है जो कि घोर आपत्तिजनक है और पूरे गड़ेरिया समाज का अपमान है।' गड़ेरिया समाज ने सरकार से मांग की है कि 'सरकार ने अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को लेकर जो अनदेखी की है उसके लिए  माफी मांगे तथा मन्दिररूपी स्थल का निर्माण कराये और अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को बरामदे से हटाकर सम्मानपूर्वक वहां पर स्थापित करवाए।'

हाईकोर्ट अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल ने दी आंदोलन की चेतावनी 


कृष्ण कन्हैया पाल- (अधिवक्ता)

कृष्ण कन्हैया पाल अधिवक्ता हैं, जो गड़ेरिया समाज के सम्मान के लिए आवाज़ उठाते रहते हैं। कृष्ण कन्हैया पाल का कहना है कि 'अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को बाबा विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में उचित स्थान नहीं दिया गया यह बहुत ही आपत्तिजनक और निंदनीय है। यह गड़ेरिया समाज का अपमान है। अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को बाबा विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में उचित स्थान दिया जाए।'

पाल ने बताया  कि 'इंदौर की महारानी  देवी अहिल्याबाई होलकर गड़ेरिया समाज से थीं, जिन्होंने लगभग 25 वर्षों तक शासन किया। अपने शासन काल में उन्होंने लगभग 12562 मंदिरों का निर्माण कराया, बाबा विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। अहिल्याबाई सामजिक सद्भाव की प्रतीक थी, उन्होंने लगभग 800 मस्जिदों और गुरुद्वारों का भी निर्माण कराया।'

पाल ने कहा सामाज़िक सद्भाव की प्रतीक देवी अहिल्याबाई की मूर्ति को कॉरिडोर में उचित स्थान न देना सरकार की दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। सरकार इसके लिए गड़ेरिया समाज से माफी मांगे और देवी अहिल्याबाई होलकर का कॉरिडोर परिसर में मंदिर बनवाये अन्यथा गड़ेरिया समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा। 

पिछले वर्ष अधिवक्ता पाल की याचिका पर प्रोडूसर ने माँगी थी माफी 

पिछले साल एक वेबसीरीज़ में माता अहिल्याबाई के नाम  से एक हॉस्टल का नाम रख दिया गया था।  इसके विरोध में हाई कोर्ट अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल ने याचिका दायर की थी और वेबसीरीज़ प्रोडूसर को माफी मांगनी पड़ी थी।

पाल ने कहा इससे साफ़ है कि माता अहिल्याबाई होलकर की अनदेखी गड़ेरिया समाज बिलकुल भी बर्दास्त नहीं करेगा। अगर सरकार हमारी मांग नही मानती है तो हमें आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।  

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