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बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक, नियमित टीकाकरण जरूरी - डॉ. लइकुज्जमा

Sunday, January 16, 2022

/ by इंडेविन टाइम्स

हरिकेश यादव- संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

अमेठी। 

संयुक्त जिला अस्पताल गौरीगंज की इस वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लइकुज्जमा ने बताया कि सर्दी में बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इस मौसम में शिशु को ठंड से बचाना चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों में तेज सांस लेना, सांस लेने में घरघराहट की आवाज आना आदि भी निमोनिया का संकेत हो सकते हैं। निमोनिया के आम लक्षणों में खांसी, सीने में दर्द, बुखार और सांस लेने में मुश्किल, उल्टी होना, पेट या सीने के निचले हिस्से में दर्द होना, कंपकपी, शरीर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द आदि शामिल हैं। पांच साल से कम उम्र के ज्यादातर बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें सांस लेने और दूध पीने में भी दिक्कत होती है, साथ ही बच्चे सुस्त हो जाते हैं। बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे, इसलिए जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए बच्चों में भी संक्रमण होने का डर बना हुआ है। साथ ही इस मौसम में सर्दी जुकाम आम बात है, सर्दी के मौसम में बच्चों को निमोनिया का अधिक खतरा होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। 

डॉ. लइकुज्जमा ने बताया कि शिशु की देखभाल के लिए टीकाकरण बहुत ही जरूरी है। क्योंकि वैक्सीनेशन से बीमारी फैलाने वाले जीवाणु, रोगाणु या विषाणु जो कहीं न कहीं निमोनिया का कारण भी है, से बचाव होता है और बच्चों में बीमारियां काम होती हैं। वैक्सीनेशन से बाल मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलती।

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