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अजीत सिंह मर्डर की जांच करेगी STF, धनंजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें

Saturday, January 8, 2022

/ by Editor

लखनऊ

विभूतिखंड में बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अजीत सिंह की हत्या की जांच अब एसटीएफ को दे दी गई है। इससे पहले यह जांच विभूतिखंड पुलिस स्टेशन से ट्रांसफर होकर गाजीपुर थाना प्रभारी को दी गई थी। अभी इस मामले में एक शूटर और मददगारों की गिरफ्तारी होना बाकी है। इस मामले में पूर्व एमपी धनंजय सिंह की गिरफ्तारी अब तक न होने को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सवाल भी खड़े किए थे।

विभूतिखंड में कठौता चौराहे के पास 6 जनवरी 2021 की रात अजीत सिंह की गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। उसके करीबी मोहर सिंह को भी गोली लगी थी। मोहर सिंह ने क्रॉस फायरिंग की थी, जिसमें एक शूटर राजेश तोमर को भी गोली लगी थी। मोहर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अखंड प्रताप सिंह और गिरधारी उर्फ कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर समेत 6 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। छानबीन में सामने आए तथ्यों व आरोपितों के बयान के आधार पर पुलिस ने अन्य लोगों के नाम भी एफआईआर में बढ़ाए गए थे।

एक आरोपी मारा जा चुका है एनकाउंटर में

पुलिस इस मामले में मददगार आजमगढ़ निवासी प्रिंस, रेहान, शूटर गिरधारी और संदीप को गिरफ्तार कर चुकी है। रिमांड के दौरान भागने की कोशिश में गिरधारी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इस मामले में आरोपित बंधन ने आजमगढ़ में सरेंडर कर दिया था। आरोपित बाहुबली पूर्व एमपी धनंजय सिंह ने प्रयागराज और अंकुर ने लखनऊ कोर्ट में सरेंडर किया था। जबकि घायल शूटर राजेश तोमर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

विभूतिखंड पुलिस ने हरियाणा निवासी शूटर बंटी उर्फ वीरू उर्फ राजेश उर्फ मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया था। प्रदीप कबूतरा ने इस मामले में आजमगढ़ कोर्ट में सरेंडर किया था। वहीं, आरोपित कुणाल उर्फ राजन जाट को दिल्ली पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया था। हत्याकांड में एक शूटर रवि यादव का नाम भी सामने आया था। वहीं, शूटर राजेश तोमर को गोली लगने के बाद डॉक्टरों तक ले जाने में भी मददगारों के नाम सामने आए थे।

माफिया सुनील राठी का नाम भी इस मामले में आया था। इस मामले की जांच विभूतिखंड इंस्पेक्टर से लेकर गाजीपुर थाना प्रभारी को दे दी गई थी। गाजीपुर पुलिस ने मामले की जांच मिलने के बाद कोई खास कार्रवाई नहीं की थी। गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक अब इस मामले की जांच शुक्रवार को एसटीएफ को दे दी गई है। अब एसटीएफ के सामने पूर्व एमपी धनंजय सिंह के साथ ही अन्य फरार आरोपितों को गिरफ्तार करने की चुनौती है।

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