देश

national

पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई सुभाष चंद्र बोस की जयंती

Monday, January 24, 2022

/ by इंडेविन टाइम्स

हरिकेश यादव-संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

अमेठी । 

भारत की स्वतंत्रता में महान योगदान देने वाले नेता सुभाष चंद्र बोस की 125 वी जयंती गायत्री शक्तिपीठ द्वारा मनाई गई। नेता जी के जन्मदिन पर  13 युवाओं ने मुंशीगंज हॉस्पिटल में रक्तदान किया। 

अमेठी जनपद के बीआरसी केंद्र के परिसर में स्थित गायत्री शक्तिपीठ अमेठी द्वारा नेता सुभाष चंद्र की जयंती को  पराक्रम दिवस के रूप में बहुत ही सादगी पूर्ण ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम में सुभाष चंद्र बोस के की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की बाद की गई। नेता सुभाष चंद्र की प्रतिमा पर डॉक्टर त्रिवेणी सिंह, डॉ धनंजय सिंह, पीएसपीएसए के अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा द्वारा फूल माला अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर त्रिवेणी ने कहा कि  व्यसनों को दूर करने में युवाओं को आगे आना है, हम लोग जामवंत की भूमिका में पीछे से सहयोग करते रहेंगे । डॉक्टर धनंजय सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए नेताजी के जीवन पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जो सम्मान उनको मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं मिला। हमारी नेताओं ने दलगत राजनीति के लोगों को अधिक सम्मान दिया। आजाद हिंद फौज का स्वतंत्रता में विशेष योगदान है। विदेश में जाकर उन्होंने सेना का गठन किया । उनके संघर्षों से देश को आजादी मिली। उनके अनुसार आजादी से पहले भारत का विकास भारतीयता के आधार पर होना चाहिए था । जब तक किसी कार्य को करने के लिए हमारे मन में सनक नहीं होगी तब तक हम किसी भी कार्य को नहीं कर पाएंगे। उन्होंने वर्तमान सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कटाक्ष किए कि उनकी मौत के रहस्य से पर्दा उठाना चाहिए था। लेकिन अभी तक नहीं उठा । उनके अनुसार दस परसेंट अमीरों की संपत्ति को ले लिया जाए तो सब को आसानी से शिक्षा मिल सकती है जिससे सशक्त राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। 

लोगों को संबोधित करते हुए पीएसपीएसए के अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने कहा कि उनका महान व्यक्ति इनकी पहचान है। उनकी आवाहन पर पूरे देश में खून देने का कारवां चल गया। इसके साथ उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा अन्याय, अन्याय को सहना है। हमारा अस्तित्व समाज से है।जब तक हम समाज के साथ मिलकर नहीं चलेंगे तब तक समाज का विकास नहीं किया जा सकता। समाज सेवा के लिए हमें जज्बे की आवश्यकता होती है।

पराक्रम दिवस पर बोलते हुए डॉ आराधना राज ने कहा कि हम उनकी जयंती पर बुराइयों को समूल नष्ट कर दें तथा अपने परिवार के लोगों को गुटका, शराब, नशा  व झूठ त्यागने का संकल्प लें तो असली रूप में उनकी जयंती का उद्देश्य सफल होगा। इसके साथ ही उपस्थित लोगों को मतदान जागरूकता की शपथ दिलाई । इस वर्ष गायत्री शक्तिपीठ द्वारा मुंशीगंज  में 13 लोगों को रक्तदान देने के लिए फूल मालाओं से सम्मानित किया गया तथा उन्हें गायत्री शक्तिपीठ की पुस्तक मुख्य अतिथियों द्वारा दी गई। इस अवसर पर डॉक्टर त्रिवेणी सिंह ,महेंद्र मिश्रा ,सुधीर अग्रहरि, सुभाष चंद्र द्विवेदी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Group