देश

national

योगी को नहीं है अर्थव्यवस्था की समझ: पी.चिदंबरम

Sunday, February 27, 2022

/ by इंडेविन टाइम्स

लखनऊ। 

पूर्व केन्द्रीय वित्तमंत्री पी.चिदंबरम ने रविवार को कहा कि अर्थव्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समझ शून्य है और यही कारण है कि संसाधनों के लिहाज से संपन्न यूपी में हर ओर बदहाली है। पार्टी के प्रदेश दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि योगी सरकार का मॉडल तानाशाही, धार्मिक विद्वेष, जातिवाद, महिलाओं के प्रति हिंसा और पुलिसिया उत्पीड़न का सम्मिश्रण है। यूपी के लोगों को सोचना चाहिए कि वे कैसी सरकार के लिए वोट दे रहे हैं। यूपी को बदहाली से सिर्फ कांग्रेस निकाल सकती है।      

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश के लोग भारत में सबसे मेहनती हैं लेकिन ग़रीबी के दलदल में धंसे हुये है। पिछले पांच वर्षों में यूपी की जीएसडीपी विकास दर 2016-17 में 11.4 प्रतिशत से घटकर 2020-21 में -6.4 प्रतिशत हो गई है। यूपी की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के आधे से भी कम है। योगी के कार्यकाल में प्रति व्यक्ति आय में 1.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। राज्य का कुल कर्ज छह लाख 62 हजार 891 करोड़ रुपये है जो कि जीएसडीपी का 34.2 प्रतिशत है और उसमें भी 40 प्रतिशत कर्ज तो अकेले योगी सरकार के कार्यकाल में जुड़ा है।       

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार प्रदेश की 37.9 प्रतिशत आबादी गरीब है। 12 जिलों में यह अनुपात 50 प्रतिशत से अधिक है, वहीं तीन जिलों (श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर) में यह 70 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यूपी में बेरोजगारी दर देश में सबसे ज्यादा है। अप्रैल 2018 से 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर दो अंकों में रही है जो राष्ट्रीय दर से ऊपर है। अप्रैल 2018 और मार्च 2021 के दौरान शहरी क्षेत्रों में हर चार में से एक युवा बेरोजगार था। सरकार में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं और सरकार पैसे की कमी के कारण उन्हें नहीं भर रही है। यूपी से दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रवासियों की संख्या लगभग 12.3 मिलियन है, यानी यूपी से संबंधित 16 व्यक्तियों में से एक यूपी से बाहर जा रहा है।      

चिदंबरम ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों की स्थिति दयनीय है। यूपी को शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए 2 लाख 77 हजार शिक्षकों की जरूरत है। यहां का छात्र-शिक्षक अनुपात सभी राज्यों में सबसे खराब है। आठ में से एक छात्र कक्षा 8 तक स्कूल छोड़ देता है। कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर सकल नामांकन अनुपात 26.3 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आर्थिक एवं अन्य सभी मोर्चों पर मजबूत बनाने के लिए जनता को सत्ता बदलनी पड़ेगी। पूरा देश इस समय कांग्रेस की ओर आशा भरी निगाह से देख रह है। उत्तर प्रदेश के लोगों से वे अपील कर रहे हैं कि कांग्रेस को वोट देकर उसे ताक़त दें। इस मौक़े पर ‘‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं'' अभियान के 125 दिन पूरे होने के अवसर पर अभियान गीत का रीमिक्स जारी किया गया।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Group