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जनपद में चल रहा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान

० 63 कुष्ठ के मरीज चिन्हित

संवाददाता-इंडेविन टाइम्स

अमेठी। 

जनपद में आम जनता में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, यह अभियान 13 फरवरी तक चलेगा। सरकार की ओर से 2017 में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की  शुरूवात की गई, उक्त जानकारी जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सीमा मेहरा ने दी, उन्होंने बताया कि  व्यक्ति अपनी इस बीमारी को समाज से छुपाता है जो कि जांच और इलाज में भी देरी का कारण बनती है। यह रोग कोई कलंक नहीं है, बल्कि दीर्घकालीन संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से फैलता है। यह हाथ-पैरों की परिधीय तंत्रिका, त्वचा, नाक की म्यूकोसा और श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान और उपचार शीघ्र न हो तो यह विकलांगता का कारण बन जाता है।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रो में चित्रकारी व स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिले में इस समय 63 कुष्ठ रोगियों का इलाज किया जा रहा है । जिसमे मल्टी वैसिलरी के 47, पौसी वैसिलरी के 16 मरीज है,इसके अलावा अप्रैल 2021 से अब तक 21 कुष्ठ पीड़ित मरीजों को सही किया गया है।

कुष्ठ रोग दो तरह का होता है 

पोसीवेस्लरी कुष्ठ रोग – शरीर पर 05 या उससे कम दाग हों तो उसे इस श्रेणी में डाला जाता है। इस रोग में इन्फेक्शन कम होता है और इसका इलाज 06 माह में पूरा हो जाता है।

मल्टीवेस्लरी कुष्ठ रोग – शरीर पर 05 से अधिक धब्बे होने पर उसे इस श्रेणी में रखा जाता है। यह नस को भी प्रभावित करता है, जिससे नस में मोटापन या कड़ापन आता है। इसका इलाज 12 माह चलता है।

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