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6 महीने के लिए बढ़ी पीएम अन्न योजना

Saturday, March 26, 2022

/ by इंडेविन टाइम्स

नई दिल्ली। 

सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (पीएमजीकेएआई) को इस साल सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पीएमजीकेएवाई को छह महीने बढ़ाया जा रहा है। इस तरह इस कार्यक्रम की अवधि बढ़कर सितंबर 2022 हो गई है। पहले यह योजना मार्च 2022 के अंत में खत्म होने वाली थी।

गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी का असर काफी हद तक खत्म हो जाने के बावजूद मुफ्त राशन वितरण कार्यक्रम की अवधि बढ़ाने का यह फैसला गरीबों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम के तहत सरकार गरीब परिवारों को 1,003 लाख टन अनाज का वितरण करेगी जिस पर 3.4 लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना को तीन महीने तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मार्च 2022 तक के लिए लागू की गई योजना अब जून तक जारी रहेगी। इसमें 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत अगले तीन और माह तक खाद्यान्न योजना के तहत प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को दाल, नमक, चीनी के साथ खाद्यान्न मिलता रहेगा।

माना जा रहा है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत में मुफ्त राशन की इस योजना का जबरदस्त प्रभाव रहा है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक शनिवार सुबह यहां लोकभवन में हुई।

मुख्यमंत्री ने  कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के हर नागरिक के लिए ‘प्रधानमंत्री अन्न योजना' प्रारंभ की थी। इस योजना के अन्तर्गत देश की 80 करोड़ जनता को इसका लाभ मिल रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मार्च-अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2022 तक इस योजना का लाभ लोगों को प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्य के अंत्योदय के लाभार्थी और पात्र गृहस्थी कार्ड धारक परिवारों सहित 15 करोड़ लाभार्थियों के लिए यह योजना अपनी ओर से अप्रैल 2020 से आरंभ की थी।''

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह योजना मार्च 2022 तक थी। इसलिए मंत्रिमंडल ने शनिवार को निर्णय लिया कि अगले तीन महीनों तक प्रदेश के 15 करोड़ लोगों के लिए यह योजना जारी रहेगी। ‘डबल इंजन की सरकार' पहले भी जनता के साथ खड़ी रही। महामारी के दौरान निशुल्क इलाज, निशुल्क टीका उपलब्ध कराया गया।'' राशन वितरण की पारदर्शी व्यवस्था पर जोर देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि 80 हजार उचित दर की दुकानों पर ई-पॉश मशीनें लगी हैं, इससे सही लाभार्थी तक राशन वितरण संभव हो रहा है।

गौरतलब है कि अप्रैल 2020 से केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार अपने संसाधनों से राज्य के 15 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत अंत्योदय कार्ड धारकों को राज्य सरकार द्वारा 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है, जबकि पात्र परिवार को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिल रहा है। इसके अलावा दिसंबर 2021 से राज्य सरकार खाद्यान्न के साथ-साथ एक लीटर रिफाइंड तेल, एक किलो दाल और एक किलो नमक भी दे रही है। जबकि, अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को एक किलो चीनी भी मुहैया कराई जा रही है। संवाददाता सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एवं स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे।

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