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न्याय के लिए भटक रही पीड़िता ने एसपी को दिया प्रार्थना पत्र

फोटो- पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान
० एसएचओ पीपरपुर ने प्रार्थना पत्र लेने से किया इनकार 

० पीड़िता का आरोप संजय मिश्रा,  विकास यादव व प्रेम चंद्र गौतम उसे थाने से भगा देते हैं

अमेठी। 

प्रदेश में आचार संहिता लागू हो पूरी कानून व्यवस्था पुलिस के हाथों में आ गई लेकिन पुलिस चंद कागज के टुकड़ों पर भी दो इतना ही नहीं वह पीड़िता की एफ आई आर दर्ज करना तो दूर उसे थाने से भगा देती है ऐसा पीड़िता का आरोप है इस बारे में जब एसएचओ पीपरपुर से बात करने का प्रयास किया जाए तो उनका फोन नहीं उठा ।

पीपरपुर थाने में अपराध चरम सीमा पर है पुलिस एफ आई आर लिखकर अपराधियों को सलाखों के पीछे खींचने के बजाय ले देकर  मामले को मैनेज करने का प्रयास करती है । पुलिस की संलिप्तता ही न्याय के लिए बाधक बनी हुई है। जिसके कारण क्षेत्र में अवैध शराब ,हरे पौधों की कटाई व वसूली का गोरख धंधा खूब फल-फूल रहे हैं ।

मामला अमेठी जनपद के विकास खंड भादर के अंतर्गत स्थित पीपरपुर थाना क्षेत्र के सुहागडाडे की है । पीड़ित महिला खुशबू तिवारी ने पुलिस अधीक्षक अमेठी को को दिए गए  प्रार्थना पत्र में बताया कि प्रार्थिनी एक गरीब परेशान महिला है जो अपने बच्चों के साथ पति से अलग रहकर मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण पोषण करती चली आ रही है। दिनाँक 17.02.2022 की रात्रि में लगभग 08 बजे मेरी सास शिवकुमारी पत्नी रामकृष्ण व ससुर रामकृष्ण जेठानी सुषमा तिवारी पत्नी अशोक कुमार व उनकी पुत्री लाडो तिवारी सभी लोग मिलकर गलत तरीके से झूठा आरोप गौशाला के पास बाथरूम करने का  आरोप लगाते हुए गाली गलौज देने लगे । जिसका विरोध करने पर उक्त सभी लोग लाठी डन्डो व लात घूसों से मारने पीटने लगे । हल्ला गोहार होने पर पास पड़ोस के लोग दौड़े तब जाकर मेरी व मेरे बच्चों की जान बची। मारपीट में प्रार्थिनी को गम्भीर चोटें भी आयी। 

जिसकी लिखित तहरीर स्थानीय थाना पीपरपुर जनपद अमेठी मे जाकर दिया। किन्तु सरहंग रामकृष्ण का स्थानीय पुलिस में अच्छी पकड होने के नाते "थाना प्रभारी महोदय द्वारा न तो प्रार्थिनी का प्रार्थना पत्र लिया गया और न ही प्राथमिकी दर्ज करायी गयी उल्टे थाना प्रभारी द्वारा पीडित को ही गाली गलौज देते हुए एक थप्पड मारकर महिला पुलिस को बुलवाकर मारा पीटा तथा थाने से भगा दिया।

पीड़िता ने एसपी से गुहार की उसे मारने पीटने वाले सुषमा तिवारी पत्नी अशोक कुमार व शिवकुमारी पत्नी कृष्ण कुमार, लाडो तिवारी पुत्री अशोक कुमार आदि सहित स्थानीय थाना प्रभारी व महिला सिपाही पर जॉचो उपरान्त समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करवाते हुए न्याय दिलवाये जाने की कृपा की जाय तथा मेरी चोट का मेडिकल भी कराया जाय। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस पूरे प्रकरण  को दबाने के लिए हल्का सिपाही संजय मिश्रा, विकास यादव व  सब इंस्पेक्टर प्रेम चंद्र गौतम ने मोटी रकम पीड़िता के घरवालों से वसूल की है। जिसके कारण वह न्याय के पक्षधर ना होकर अन्याय का पक्ष ले रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सिपाही संजय मिश्रा शराब के नशे में सुबह से ही रहता है।  यदि थाने पर कोई गलत काम करवाना है तो संजय मिश्रा का नाम वरीयता सूची में लिया जाता है। इस पूरे प्रकरण में जब थानाध्यक्ष पीपरपुर अखिलेश गुप्ता के सीयूजी नंबर 9454 4350 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो बार-बार फोन जाने के बाद भी उनका फोन नहीं उठा और ना ही उनके द्वारा कॉल बैक किया गया। जब थाने के सीयूजी नंबर पर फोन नहीं उठता तो परेशान जनता किसके पास फोन करेगी। थाने पर कुछ अराजक तत्वों का जमावड़ा पुलिस प्रशासन को घेरे रखता है जिससे उसकी आंखों पर से अन्याय की पट्टी नहीं उतरती यदि जिले के कप्तान द्वारा संजय मिश्रा व अन्य सिपाहियों का टी आर टेस्ट कराया जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और पीड़िता को न्याय भी मिल जाएगा।

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