देश

national

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली के सभी अस्पतालों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली। 

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली के सभी अस्पतालों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि वे स्थिति से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अस्पताल में दाखिले नहीं बढ़ रहे हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अभी चिंता की कोई बात नहीं है।”

दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोविड-19 संक्रमण के 325 नए मामले सामने आए जबकि संक्रमण दर 2.39 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड संक्रमण दर एक सप्ताह में 0.5 प्रतिशत से बढ़कर 2.7 प्रतिशत हो गई है। बयान में मंत्री जैन के हवाले से कहा गया, “दिल्ली सरकार स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है और सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। हमने अपने स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया है। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सभी अस्पतालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीजों का संपर्क में आए लोगों का पता लगा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से कहा गया, “साथ ही जरूरत पड़ने पर आरटीपीसीआर जांच भी बढ़ाई जाएगी। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार ‘टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट' (जांच, संपर्क में आए लोगों का पता लगाने और उपचार) के सिद्धांत पर काम कर रही है।” स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने और जल्द से जल्द टीका लगवाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, “इलाज से बचाव बेहतर है। जिन लोगों ने अभी तक टीका नहीं लिया है या केवल पहली खुराक ली है, उन्हें पूर्ण टीकाकरण के लिए जल्द से जल्द अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाना चाहिए।” यह देखते हुए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एक्सई संस्करण को “वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न” (चिंताजनक) की सूची में शामिल नहीं किया गया है, उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार के बयान में कहा गया है कि दिल्ली में लगभग 37,000 कोविड बेड और 10,594 कोविड आईसीयू बेड तैयार किए गए हैं। सरकारी बयान में कहा गया, “अगर संक्रमण फैलता है, तो सरकार ने दो सप्ताह के भीतर दिल्ली के हर वार्ड में 100 ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की योजना बनाई है। ऐसे में, दिल्ली सरकार 65,000 बेड तैयार करने की योजना बना रही है, ताकि किसी भी व्यक्ति को आपातकालीन स्थिति में बेड की कमी का सामना न करना पड़े।” अगर मामले फिर बढ़ेंगे तो घर पर पृथकवास की व्यवस्था लागू की जाएगी।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
© all rights reserved
Managed By-Indevin Group