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मुख्यमंत्री के स्कूल चलो अभियान 2022 का हुआ सजीव प्रसारण

०ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल में नामांकन के लिए किया गया प्रेरित

०तकनीकी आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर

हरिकेश यादव-संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)

गौरीगंज-अमेठी। 

मिशन प्रेरणा के तहत उत्तर प्रदेश बनेगा प्रेरक प्रदेश स्कूल चलो अभियान 2022 की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का प्रसारण श्रावस्ती से किया। जिसका सजीव प्रसारण अमेठी जिले के प्राथमिक विद्यालय धनीपुर जलालपुर में किया गया । इसके अलावा जनपद के अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों के सहयोग से मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रम बच्चों व उनके अभिभावकों  ने भी देखा। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाइव प्रसारण ने कहा कि 2 वर्ष बाद कोरोना जैसी महामारी पर एक प्रकार से स्वाभाविक अंकुश लगाने के बाद बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ने का काम किया जा रहा है । कोरोना से देश के अंदर पीएम मोदी के जान और जहान बचाने का भरपूर प्रयास किया गया । हर एक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है । इसके लिए फ्री उपचार, वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई । हमारी संवेदना उन सभी लोगों से है जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है। इस महामारी से जीवन का प्रत्येक क्षेत्र प्रभावित हुआ है लेकिन सबसे अधिक प्रभावित स्कूली शिक्षा हुई है। अप्रैल 2020 में लॉकडाउन हुआ था । आज उत्तर प्रदेश 25 करोड़ आबादी के राज्य में नाम मात्र के कोरोना एक्टिव केस है ।इस महामारी में जिनके काम धंधे प्रभावित हुए हैं उन्हें महीने में दो बार निशुल्क राशन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई। बच्चों को स्मार्टफोन वितरित किए गए जिससे कोरोना जैसी महामारी में उनकी शिक्षा बाधित ना हो सके। कोरोना की महामारी के बाद बेसिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसलिए हर एक परिवार को स्कूल से जोड़ा जाए जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से छूटने ना पाए। शिक्षा एक मात्र साधन है जो परिवर्तन का कारण बन सकती है । शिक्षा ही सर्वांगीण विकास में सहायक होती है जिससे समाज का विकास होता है। हमारा नैतिक दायित्व है कि अपने देश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करें । स्कूल में शिक्षा दिलाने व नामाकन  के लिए स्कूल चलो अभियान पूरे 1 माह तक चलेगा जिसका प्रमुख उद्देश्य है कोई बच्चा स्कूली शिक्षा से वंचित ना हो पाए । यदि किसी को ज्ञानवान बनवा बनाना है तो उसे शिक्षा के माध्यम से ही संभव किया जा सकता है। स्कूलों में पेयजल ,टाइल्स, मिड डे मील की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है । पहले यह हालत थी स्कूल आने वाले बच्चे कम, छोड़ने वालों की संख्या अधिक होती थी।लेकिन 3 वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े बच्चों ने फिर से स्कूलों में रौनक बढ़ाने का कार्य किया है।  बच्चों को, जूते बैग निशुल्क दिए जाते हहैं। विद्यालयों में कायाकल्प किया गया । जिसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही । जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय को गोद लेकर विद्यालय प्रबंधन की व्यवस्था में सहयोग दिया तथा बच्चों को शैक्षिक सुविधाएं प्रदान की । हमने एनसीईआरटी को बेसिक शिक्षा में लागू किया । बेसिक शिक्षा आधारभूत इकाई है । स्मार्ट क्लास चलाने से शिक्षा का स्तर बढ़ा है। शिक्षक साल में कम से कम 3 बार अभिभावक के साथ बैठक करें। यह बैठक विद्यालय समय के पहले या बाद में करें जिससे बेहतर परिणाम सामने आएंगे। हर विद्यालय के पास अपना खेल का मैदान ,पेयजल ,पाठ्यक्रम शिक्षकों के रिफ्रेशर कार्यक्रम ,प्रेरणा एप से जुड़कर तकनीक का उपयोग करने जैसी सुविधाएं प्रदान की गई है । इसके साथ ही तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे हर कार्य संभव हो सके। 

मुख्यमंत्री के सजीव प्रसारण के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर धूप दीप प्रज्वलित किया । यूपीएस धनीपुर के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना की गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा राजेश मसाला जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम अमेठी राकेश कुमार मिस्र व डीपीआरओ श्रीकांत यादव को पुष्पगुच्छ देकर का स्वागत किया गया। 

काकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ अरविंद कुमार पाठक ने कहा कि पिछले वर्ष स्कूल चलो अभियान के तहत 17000 बच्चों की नामांकन में वृद्धि हुई है। 4000 ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने का कार्य किया गया । वर्तमान समय में 816 स्कूलों में 300 स्कूलों में बाउंड्री वाल का निर्माण किया गया है जबकि 500 स्कूलों में बाउंड्री वॉल नहीं है। कायाकल्प के अंतर्गत स्कूलों में हैंडवाश यूनिट की व्यवस्था स्कूलों में टाइल्स लगाने का काम कराने के लिए डीपीआरओ श्रीकांत यादव से अनुरोध करते हैं कि इन कमियों को दूर करने का कष्ट करें। हमारा लक्ष्य है कि हम 25000  बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराएंगे। घर-घर जाकर हाउसहोल्ड सर्वे करेंगे जिससे कोई ही बच्चा छूटने नहीं पाए। बच्चों की उपस्थिति एमडीएम में गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की जाएगी। डीबीटी के माध्यम से 1100 रुपए बच्चों के खातों में भेज दिए गए हैं । अधिक से अधिक नामांकन के लिए s.m.c. व पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को मोटिवेट किया जाए, जिससे शिक्षा का स्तर बढ़ सके ।इसके साथ ही बच्चों कोई शत-प्रतिशत उपस्थिति विद्यालयों में सुनिश्चित कराई जाए । कमपोजिट विद्यालय बेहटा के स्काउट बच्चों द्वारा शानदार प्रस्तुत की गई। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा । बच्चों ने मुख्य अतिथि राजेश मसाला व जिलाधिकारी अमेठी को सलामी दी। 

बच्चों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अमेठी राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि स्कूल एक सामाजिक दायित्व है । जिसे समाज के लोगों के माध्यम से ही आगे बढ़ाया जा सकता है । आप अपने आसपास के बच्चों को स्कूल में दाखिला कराएं । बच्चे स्वच्छ रूप से स्कूल में आएं तथा अभिभावकों से आग्रह किया कि वह प्रतिदिन अपने बच्चों को स्कूल में भेजने के साथ उनकी दैनिक रिपोर्ट पूछें उन्हें क्या पढ़ाया गया अथवा विद्यालय में क्या-क्या एक्टिविटी कराई गई। यदि कोई बच्चा लगातार अनुपस्थित हो रहा है तो विद्यालय के शिक्षक उसके बारे में जानकारी प्राप्त करें यदि उसे चिकित्सा की आवश्यकता होगी तो उसके लिए नजदीक के अस्पताल में अथवा चिकित्सा टीम भेजकर चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी । शिक्षक पढ़ाते समय यह ध्यान दें बच्चों से कोई भी  नकारात्मक बात ना की जाए । बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना जिला अधिकारी अमेठी द्वारा की गई। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पधारे राजेश कुमार अग्रहरि अध्यक्ष जिला पंचायत अमेठी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि स्कूलों की स्थिति में सुधार हो। शिक्षा में 3 कड़ी है शिक्षक बच्चे और अभिभावक। यदि अभिभावक जागरूक होंगे तो शिक्षकों की मेहनत रंग लाएगी शिक्षा के माध्यम से सभी परेशानियों का हल संभव है। हमें किसी काम को करने के लिए सूरत से ज्यादा कीरत की आवश्यकता होती है। यदि अभिभावक जागरूक हो जाएं तो शिक्षा व्यवस्था सिटी मांटेसरी स्कूलों से भी बेहतर हो जाएगी । इसे एक कार्य रूप में परिणित करना पड़ेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि हम सभी स्कूलों में कमियों को दूर करने के लिए विधि सम्मत कार्यवाही के लिए तैयार रहेंगे। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों को जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने प्रशस्ति पत्र व बैग वितरित किए। जिसमें लगभग दो दर्जन बच्चों को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि के स्वागत के लिए महिला शिक्षिकाओं द्वारा द्वारा स्कूल चलो अभियान 2022 की शानदार रंगोली बनाई गई थी। जिसका स्लोगन था एक भी बच्चा ना छूटे संकल्प हमारा ना टूटे। कार्यक्रम का संचालन रमेश सिंह ने किया। 

इस अवसर पर जिला पंचायती राज अधिकारी श्रीकांत यादव ,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ अरविंद कुमार पाठक, गौरीगंज खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह ,खंड शिक्षा अधिकारी  भेंटूवा संतोष यादव, एमडीएम प्रभारी अरुण त्रिपाठी, पीएसपीएस  के जिलाध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ,डॉक्टर सुधीर अग्रहरि ,संतोष सिंह, जय राम कनौजिया वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जितेंद्र यादव ,संजय मौर्य अपर जिला सूचना अधिकारी शिव दर्शन ,रमाशंकर यादव सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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