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पैदावार बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका - कम्पोस्ट खाद

कंपोस्ट खाद के फायदे बहुत हैं । कंपोस्ट खाद जैव कृषि का मुख्य घटक है। नम जैव पदार्थों का ढेर बनाकर कुछ काल तक प्रतीक्षा करना ताकि इसका विघटन हो जाय। गोबर व फ़सल के अवशेष,सब्ज़ियों के छिलकों व कूडा -करकट, मिट्टी को कुछ विशेष परिस्थितयों में रखकर तैयार की जाती है ।

कंपोस्ट खाद में पौधे के ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। कंपोस्ट खाद के उपयोग से पौधे बड़ी तेज़ी से बढ़ते है। फलन अच्छी होती है। काम्पोस्ट खाद से तैयार अनाज की आज कल बाज़ार में बड़ी माँग है। सुपर मार्केट में जैविक खेती से तैयार आम अनाज से काफ़ी महँगा बिकता है। कंपोस्ट खाद के प्लांट लगाकर कंपोस्ट खाद उत्पादन बहुत से किसानों के लिए यह उनका प्राइमरी बिज़नेस बन गया है।

कंपोस्ट ख़ास बेहद सस्ती व बनाने में किसी विशेष तकनीक की ज़रूरत नही – कंपोस्ट खाद बनाने में बहुत कम ख़र्च आता है। कंपोस्ट खाद के बनाने में आवश्यक सामग्री हमारे आस पास ही मिल जाती है। कंपोस्ट खाद बनाने में उपयोग आने वाली सामग्री जैसे गोबर, फ़सल के अवशेष, घास-फूस, व अन्य घरेलू कचरे आदि हमें अपने घर के आस पास आसानी से व लगभग मुफ़्त मिल जाते हैं। कंपोस्ट खाद बनाने में किसी विशेष तकनीक की ज़रूरत नही होती है। कम पढ़ा लिखा किसान भी कम्पोस्ट खाद बड़ी आसानी से अपने घर पर बना लेगा।

पौधे कम्पोस्ट खाद से मिलने वाले पोषक तत्वों की सीधे अवशोषित करते हैं – रासायनिक खादों से मिलने वाले पोषक तत्व को पौधे भले ना सीधे ग्रहण करते हों। किंतु कम्पोस्ट खाद से मिलने वाले पोषक तत्वों को पौधे बड़ी सरलता से ग्रहण करते हैं। जिससे पौधों की वृधि व बढ़वार जल्दी होती है।

पौधे के लिए आवश्यक पोषक कम्पोस्ट खाद में मौजूद रहते हैं खेत में कम्पोस्ट खाद डालते ही जड़ों के द्वारा इसमें मौजूद पोषक तत्व पौधे को मिलते हैं। जिससे पौधा बड़ी तेज़ी से बढ़ते हैं। बढ़वार अच्छी होती है। जिसके परिणाम स्वरूप फ़सल की पैदावार अच्छी होती है। इसके साथ कंपोस्ट खाद से तैयार अनाज व सब्ज़ी उच्च गुणवत्ता वाली होती है।

खेतों में कई साल तक कंपोस्ट खाद का प्रयोग करते रहने से मिट्टी की संरचना सुधरती है । मिट्टी का गठन सही होने से उसमें जल धारण की क्षमता बढ़ती है। जिससे पौधों की जल माँग में कमी आती है। फ़सलों को बार बार पानी नही देना पड़ता है। जिससे सिंचाई कम करनी होती है। कंपोस्ट खाद सिंचाई में होने वाले ख़र्च को भी कम करता है।

रासायनिक खादों से लगातार प्रयोग से मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा घटने घटने लगती है । ज़मीन धीरे बंजर होने लगती है। जबकि कंपोस्ट खाद व जैविक खेती करने से पोषक तत्व ज़मीन में स्थिर रहते हैं। कई साल लगातार जैविक खेती करने व कम्पोस्ट खाद के उपयोग से बंजर ज़मीन भी उपजाऊ हो जाती है। इस तरह आप बंजर ज़मीन को कंपोस्ट खाद से उपजाऊ बना सकते हैं।

कम्पोस्ट खाद ईको फ़्रेंडली होती है। कम्पोस्ट खाद प्रकृति में मौजूद वस्तुओं के प्रयोग से बनायी जाती है। इसलिए इससे पर्यावरण को कोई नुक़सान नही पहुँचता। बल्कि रासायनिक खादों से मृदा व जल प्रदूषित हो जाते हैं। रासायनिक खादों से तैयार अनाज के प्रयोग से आज लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कंपोस्ट खाद से तैयार अनाज व सब्ज़ियों का स्वाद अच्छा होता है। साथ ही ये सेहतमंद बनाता है।

बाज़ार में आज हर खाने वाली चीज़ में रसायन मिला होता है। लोग रासायनिक खादों के बुरे परिणामों को जानते हुए भी ऐसे अनाजों व सब्ज़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। और बीमार रोग रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह है की उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प नही नही है। जब आप बिना रासायनिक खादों की खेती करेंगे यानी जैविक खेती करेंगे । और कम्पोस्ट खाद का उपयोग कर अनाज व सब्ज़ियाँ व फल उगाएँगे । तो लोग अधिक पैसे देकर जैविक अनाज व जैविक सब्ज़ियाँ व जैविक फलों को ख़रीदेंगे। इससे आपको फ़सल का मुँह माँगा दाम मिलेगा। कंपोस्ट खाद के प्रयोग से मिट्टी से साथ साथ किसान का जीवन स्तर भी सुधरेगा।

आशा आपको खेती किसानी का यह लेख कम्पोस्ट / कंपोस्ट खाद के फायदे अवश्य पसंद आया होगा । जैविक खेती में कंपोस्ट खाद के प्रयोग से अच्छी पैदावार प्राप्त करेंगे

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