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लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में शुरू होगा IVF

लखनऊ। 

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब डिलीवरी के साथ इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत अलग सेंटर खोला जाएगा और आईवीएफ की सुविधा रियायती दरों पर मुहैया करवाई जाएगी। संस्थान की गवर्निंग बॉडी से पास प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजकर बजट मांगा जाएगा। अनुमति मिलने पर काम शुरू करवाया जाएगा। वर्तमान में किसी भी सरकारी संस्थान में आईवीएफ की सुविधा नहीं है।

लोहिया संस्थान में कुछ दिन पहले ही रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन यूनिट शुरू हुई है। इसी का विस्तार कर आईवीएफ की सुविधा मुहैया करवाने की तैयारी है। इसके तहत सामान्य प्रक्रिया और इंट्रा यूट्राइन इनसेमिनेशन प्रक्रिया से आईवीएफ की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन की नोडल डॉ. मालविका मिश्रा ने बताया कि सेंटर के लिए अलग बिल्डिंग बनाई जाएगी। आईवीएफ के लिए एंड्रॉलजी लैब, एंब्रियो, एग फ्रीजिंग समेत सभी सुविधाएं होंगी। निजी सेंटर से आईवीएफ के लिए लोगों को पांच से आठ लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। लोहिया में सेंटर शुरू होने से अपेक्षाकृत कम खर्च में नि:संतान दंपतियों को राहत मिलेगी।

30 करोड़ का प्रस्ताव भेजा

आईवीएफ के लिए संस्थान की गवर्निंग बॉडी ने 30 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें बिल्डिंग से लेकर लैब निर्माण तक खर्च शामिल है। संस्थान के शहीद पथ स्थित रेफ्रल सेंटर में ऑब्स ऐंड गायनकॉलजी विभाग संचालित किया जा रहा है। नया सेंटर भी वहीं शुरू होगा। ऐसे में एक ही जगह पर पूरा इलाज उपलब्ध हो सकेगा। सरकारी संस्थानों की बात करें तो केजीएमयू एक बार आईवीएफ शुरू कर चुका है, लेकिन चार साल पहले बंद हो चुका है। निदेशक लोहिया संस्थान प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि हमने रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन यूनिट शुरू की है, जिसका विस्तार कर आईवीएफ तक ले जाने की योजना है। इस दिशा में काम चल रहा है।


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