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मुलायम के जयंती कार्यक्रम में हुआ अखिलेश को पीएम बनाने का आह्वान

Wednesday, November 22, 2023

/ by इंडेविन टाइम्स

इटावा। 

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की जयंती के मौके पर उनके पैतृक गांव सैफई में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं का सपा प्रमुख अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री बनाने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। सपा संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की 84वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव योग्य होने के बावजूद विभिन्न कारणों से देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सके, अब अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री बनाकर उस सपने को पूरा करना है। सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरण मय नंदा ने कहा, ''नेताजी (मुलायम) मजबूत थे। सबके मन में नेताजी ही थे। हम लोग बहुत खुश होते अगर नेताजी प्रधानमंत्री बन जाते। खुद ज्योति बसु जब प्रधानमंत्री नहीं बन पाए तो उन्होंने कहा था कि नेताजी को प्रधानमंत्री बनाओ क्योंकि वह सबसे आदर्श उम्मीदवार हैं। हम लोगों के मन मे यह दुख है कि नेताजी प्रधानमंत्री नहीं बने।'' 

उन्होंने कहा, ''अभी हम लोगों के पास मौका है। वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव बहुत नजदीक है। हम लोग चाहते हैं कि हम लोगों का जो सपना अधूरा रह गया उसे पूरा करते हुए 2024 में इसी उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव को हम लोग भेजकर देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे।'' सपा के प्रमुख महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में अगर सपा 40 सीटें जीत लेती है तो पार्टी अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री बनवाने की हैसियत में होगी। उन्होंने कहा, ''वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अगर समाजवादी पार्टी 40 सीट जीतती है तो हम कह सकते हैं कि या तो इन्हें (अखिलेश को) बनाइये, नहीं तो कोई नहीं बन पाएगा, या फिर हमारे कहने पर कोई और बनेगा।'' यादव ने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि वर्ष 1997 में जब मुलायम सिंह यादव को देश का प्रधानमंत्री बनाने की बात आयी थी तब मार्क्सवादियों की वजह से मुलायम यूनाइटेड फ्रंट के नेता और प्रधानमंत्री नहीं बन पाये। 

उन्होंने कहा, ''मार्क्सवादी लोग कहते हैं कि अगर कोई विपक्ष बने तो नेतृत्व उन्हीं के हाथ में रहना चाहिए, समाजवादियों के हाथ में नहीं होना चाहिए। मैं नाम नहीं लेना चाहता हूं मगर सबसे बड़ी साजिश वहीं से हुई थी कि मुलायम सिंह प्रधानमंत्री ना बनने पायें। उसके बाद वामपंथी की तरफ झुकाव रखने वाले नेता समझे जाने वाले इंद्र कुमार गुजराल को प्रधानमंत्री बना दिया गया। मैं सारे घटनाक्रम का चश्मदीद गवाह हूं।'' सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी प्रधानमंत्री के तौर पर मुलायम के लिये देखा गया सपना अखिलेश की ताजपोशी करके पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, ''नेताजी के जन्मदिन पर अगर आप तय कर लेंगे तो निश्चित रूप से हम सब लोगों का वह सपना अखिलेश यादव पूरा करने में सक्षम होंगे। यहां आए सब लोगों को तय कर लेना चाहिए। बताइए हाथ उठाकर कि आप सब लोग यह संकल्प करेंगे।'' 

शिवपाल ने कहा, ''अखिलेश यादव में नेताजी का अक्स है। सभी समाजवादियों के मन में है कि जो नेताजी का सपना था, हम सभी लोगों को उसे पूरा करना है। इसके लिए सभी छोटी-बड़ी बातों को भूलना पड़ेगा। त्याग भी करना पड़ेगा। एकजुट होना पड़ेगा और फिर जिसे जो जिम्मेदारी मिले उसको पूरा करना पड़ेगा।'' समाजवादी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव के लिये विपक्ष के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) का हिस्सा है। इसमें कांग्रेस भी शामिल है। गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर अभी किसी का नाम पेश नहीं किया गया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने भी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने का आह्वान करते हुए कहा, ''यह जरूरी है कि हम संघर्ष करें और संघर्ष के बलबूते 2024 के लोकसभा चुनाव में अगर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा हो जाएगा तो मैं चाहता हूं कि अखिलेश यादव देश के प्रधानमंत्री बनें। लेकिन अगर वह हैसियत नहीं आती है तो सपा की हैसियत इतनी तो बन जानी चाहिए कि अखिलेश जिसे चाहेंगे वही प्रधानमंत्री बनेगा।'' 

बदायूं से सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा, ''अगले लोकसभा चुनाव में ऐसी परिस्थिति पैदा करो कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जिसको चाहें वो ही देश का प्रधानमंत्री बने।'' मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटें नहीं दिये जाने के बाद विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के प्रमुख घटकों सपा और कांग्रेस के बीच तल्खी उभर आयी थी। हालांकि बाद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि वह लोकसभा चुनाव के लिए ‘इंडिया' गठबंधन का हिस्सा हैं। मगर उन्होंने पिछले महीने लखनऊ में हुई सपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 65 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की बात कही थी। 

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