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मानबिंदु उत्थान समिति के तत्वाधान में महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती पर शैक्षिक गोष्ठी एवं काव्य समारोह का हुआ आयोजन

० भारत की एकता का मुख्य आधार हैं मालवीय जी- शशांक त्रिवेदी

० मानबिन्दुओं को जीवन मे उतारने की आवश्यता- रमेश बाजपेयी 'विरल'

० सरके जो बार-बार उसे सरकार कहते हैं- अरुणेश मिश्र

० कार्यक्रम का संचालन शांतनु दीक्षित ने किया

कौस्तुभ बाजपेयी - इंडेविन न्यूज नेटवर्क

महोली - सीतापुर

भारतरत्न पं. मदन मोहन मालवीय जयंती समारोह के अवसर पर मानबिंदु उत्थान समिति महोली द्वारा आयोजित आध्यात्मिक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मालवीय जी के चित्र अनावरण, पुष्पार्चन एवं मंगलगान से किया गया, जिसमे बच्चों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गयी, कार्यक्रम का प्रारम्भ छात्र अंकुर कुमार की सरस्वती वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात सुधीर मिश्र ने 'हे सरस्वती मां ज्ञानदायिनी और गीत लहर लहर लहराए रे मेरे आंगन की तुलसी' सुनाया।

प्रसिद्ध कवि रजनीश मिश्र ने वीर रस व देशप्रेम की पंक्तियों ने अपना काव्यपाठ किया उन्होंने 'इससे पावन इससे प्यारा आकाश नहीं मिल सकता सुनाकर' खूब तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम में पधारे रमेश बाजपेयी 'विरल' ने कहा कि गौ, गीता, गायत्री जैसे मानबिन्दुओं को जीवन मे उतार लेने से समाज का उन्नयन अवश्य सम्भव है।

प्रसिद्ध कवि कमलेश चंद्र मिश्र ने वीररस व देशप्रेम की पंक्तियों में अपना काव्यपाठ कर खूब तालियां बटोरी।

ख्याति प्राप्त कवि अरुणेश मिश्र ने अपना हास्य अखरे जो बार बार उसे अखबार कहते हैं, जो कार में तिरंगा लहराते है, वही देश को चबाते हैं व समाज को जागरूक करना कवि का कर्तव्य है।

व्यंग के प्रमुख कवि कहे जाने वाले बृजकांत बाजपेई ने राजनीति, देशप्रेम से ओतप्रोत कविता "लगा चुनावी मौसम तो नेता दौड़न लागे सुनाया" से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

इस अवसर पर विधायक शशांक त्रिवेदी ने कहा कि विचारों की स्पष्टता और दृढता के कारण 25 वर्षीय मालवीय जी अपने भाषण के कारण देश के बड़े-बड़े नेताओं के दिलो-दिमाग़ में बस गए।

उन्होंने कहा कि मालवीय जी एक महान् देशभक्त और राजनेता थे ही परन्तु उन्होंने देश एवं समाज से जुड़े हुए अनेक क्षेत्रों में कार्य किया और हर क्षेत्र में अपना अप्रतिम स्थान बनाना। वे एक महान् शिक्षाविद्, प्रखर पत्रकार, अद्वितीय वक्ता, कुशल अधिवक्ता, श्रेष्ठ समाज सेवी, लोकोपकारी धर्मप्रणेता, परमार्थ के क्षेत्र में एक महान् भिक्षु के साथ ही, वे स्वदेशी, स्वभाषा तथा हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं के उन्नयन के लिये पूर्ण समर्पित थे विधायक ने समाज मे मालवीय जी की महत्ता से परिचित कराया। कार्यक्रम में छात्र अस्मित ने मालवीय जी का चित्र बनाकर अतिथि को भेंट किया।

आपको ज्ञात हो समिति अपना 31वाँ वार्षिकोत्सव मना रही है। आज के दिन ही पूर्व प्रधानमन्त्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी, प्रसिद्ध वैज्ञानिक न्यूटन एवं ईसा मसीह का भी जन्मदिन है कार्यक्रम में उनके भी जीवन पर प्रकाश डाला गया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीतापुर साहित्य से पुरस्कृत प्रसिद्ध साहित्यकार प्रबंधक सीता इंटर कॉलेज महमूदाबाद रमेश बाजपेई, मुख्य उद्बोधक अध्यात्मविद सर्वेश अवस्थी, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक शशांक त्रिवेदी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य राम बाबू द्विवेदी ने किया।

मुख्य अतिथि रमेश बाजपेई 'विरल' ने महामना शब्द की महिमा का बखान करते हुए कहा कि इस महान विश्विद्यालय की स्थापना सभी से चंदा व भिक्षा प्राप्त करके हुई थी, इसके पीछे मालवीय जी की दूरदर्शी सोच समझ रही ताकि संस्थान किसी एक व्यक्ति का न होकर समाज मे सभी की भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि मुझे इस महान संस्थान के दर्शन व भ्रमण का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में उन्होंने कहा मालवीय जी और अटल जी दोनों चिर काल तक प्रासंगिक रहेंगे। छात्रा आद्या ने भजन रामचंद्र कृपालु भज मन सुनाकर मंत्र मुग्ध कर दिया, शिवा, दिव्य, यश ने भी अपने गीत सुनाए।

मानबिन्दु उत्थान समिति के संरक्षक डॉ हर्षवर्धन शुक्ल ने कहा मालवीय जी भक्ति, शक्ति और लगन और दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक है, वे व्यक्तिगत जीवन में संस्कार सिद्ध थे तो सार्वजनिक जीवन में मानवता प्रेमी। उन्होंने सामूहिक मंत्र दीक्षा का अभिनव प्रयोग किया। महामना मालवीय जी ने किया और उनके शिष्य आचार्य श्रीराम शर्मा ने उस कार्य को आगे बढ़ाया। यह संस्था अपने मूल सिद्धांत " हम दीन दुखी निबलों विकलो के सेवक बन संताप हरें"  के आदर्शों पर चलने का प्रयास करती है। कार्यक्रम में नगर की प्रमुख कीर्तन मंडली को भी सम्मानित किया गया जो लगातार भजन प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन एवं जलपान से किया गया। 

उक्त समारोह में प्रधानाचार्य प्रफुल्ल कुमार मिश्र, प्रबंधक एवं पूर्व प्रवक्ता राधाकृष्ण शुक्ल, डा. प्रेम शंकर गुप्त, पूर्व प्रधानाचार्य सचेंद्र मिश्र, राम किशोर मिश्र, श्याम किशोर अवस्थी, प्रवक्ता सतीश शुक्ल, समाजसेवी मनोज मिश्र, स्वामी हरीशानंद सरस्वती, समिति के संयोजक दिनेश मिश्र पिंटू, अध्यापक कौस्तुभ बाजपेयी, डॉ विजय कुमार,वंशीधर शुक्ल,प्रकाश चंद्र त्रिवेदी, डा.सतीश वर्मा, डॉ विनीत मिश्र, कमलाकांत मिश्र, देवेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, कृष्ण मोहन पांडेय, प्रवक्ता नीरज बाजपेयी, राजीव अग्निहोत्री, मनोज मिश्र, अम्बुज समेत अनेकों विद्वान,काव्य एवं साहित्य प्रेमी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।मानबिंदु उत्थान समिति के तत्वाधान में महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती पर शैक्षिक गोष्ठी एवं काव्य समारोह का हुआ आयोजन


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